पीलीभीत: वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर चुनाव आयोग का कड़ा एक्शन, दो अधिकारी तत्काल निलंबित
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में भारी अनियमितताएं सामने आने के बाद भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने सख्त कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग ने इस…
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में भारी अनियमितताएं सामने आने के बाद भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने सख्त कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग ने इस मामले में दो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया है।
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे पत्र में इस कार्रवाई का निर्देश दिया। निलंबित किए गए अधिकारियों में मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी शामिल हैं। आयोग ने साफ किया है कि उसकी पूर्व मंजूरी के बिना इन अधिकारियों को बहाल नहीं किया जाएगा। साथ ही, आगे की जांच के लिए उनके खिलाफ आरोप पत्र (charge sheet) भी आयोग को भेजने के लिए कहा गया है।
FIR में जुड़ेगी BNS की नई धारा
आयोग ने पहले से दर्ज एफआईआर में कार्रवाई को और सख्त बनाने का निर्देश दिया है। दोनों निलंबित अधिकारियों और वीआरसी कंप्यूटर ऑपरेटर निल कुमार के खिलाफ दर्ज मामले में अब भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की धारा 198 भी जोड़ी जाएगी। ECI ने संबंधित अदालत में इस मामले को गंभीरता से आगे बढ़ाने को कहा है, ताकि यह अपने तार्किक अंजाम तक पहुंच सके।
जांच का दायरा बढ़ा, कई रिपोर्ट तलब
चुनाव आयोग ने इस मामले में कई स्तरों पर जांच के आदेश दिए हैं। पीलीभीत के जिला निर्वाचन अधिकारी को जिले की सभी चार विधानसभाओं की मतदाता सूची की जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। इसके अलावा, 127-पीलीभीत विधानसभा के 5 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की भूमिका और वीआरसी ऑपरेटर के खिलाफ की गई कार्रवाई पर 3 दिन के भीतर जानकारी मांगी गई है।
आयोग ने पूरे उत्तर प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) को अपने-अपने क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की गहनता से दोबारा जांच करने का निर्देश भी जारी किया है। इसमें विशेष रूप से फॉर्म 6, 7 या 8 के जरिए नामों को जोड़ने, हटाने या उनमें संशोधन से जुड़ी डेटा फीडिंग पर ध्यान देने को कहा गया है।
इनपुट: IANS



