JPSC भर्ती घोटाला: CID ने आयोग के तीन मौजूदा सदस्यों को पूछताछ के लिए बुलाया
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में हुई गड़बड़ी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जांच कर रही आपराधिक जांच विभाग (CID) ने अब आयोग के तीन मौजूदा सदस्यों को पूछताछ के लिए…
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में हुई गड़बड़ी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जांच कर रही आपराधिक जांच विभाग (CID) ने अब आयोग के तीन मौजूदा सदस्यों को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सोमवार से इन सदस्यों से पूछताछ की प्रक्रिया शुरू होगी।
जिन सदस्यों को बुलाया गया है, उनमें डॉ. अजिता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद शामिल हैं। इन तीनों की नियुक्ति 2 सितंबर, 2021 को हुई थी, जिसे राज्य कैबिनेट ने अगस्त 2021 में मंजूरी दी थी। सीआईडी अब इन सदस्यों से परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े फैसलों और पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी हासिल करना चाहती है।
अब तक की जांच और गिरफ्तारियां
इस मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। सीआईडी ने अब तक कुल 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें परीक्षा आयोजित करने वाली आउटसोर्सिंग कंपनी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड का मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी भी शामिल है, जिसे एजेंसी मुख्य आरोपी मान रही है। जांचकर्ता तिवारी के नेटवर्क और संपर्कों की पड़ताल कर रहे हैं। कंपनी के कई अन्य अधिकारियों और परीक्षा से जुड़े लोगों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
पूर्व अध्यक्ष से हो चुकी है लंबी पूछताछ
आयोग के सदस्यों से पहले सीआईडी जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष और पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते से भी पूछताछ कर चुकी है। उनसे चार दौर में 30 घंटे से अधिक समय तक सवाल-जवाब हुए। खियांग्ते ने 22 जुलाई को जेपीएससी दफ्तर में सीआईडी की छापेमारी के बाद अपने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद जांच एजेंसी ने उनके सरकारी आवास की भी तलाशी ली थी। सीआईडी का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि परीक्षा प्रक्रिया में किस स्तर पर और कौन-कौन लोग धांधली में शामिल थे।
इनपुट: IANS



