झारखंड भर्ती परीक्षा विवाद: BJP ने CBI जांच और छात्रों पर से FIR वापसी की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाया
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य सरकार से जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) द्वारा आयोजित परीक्षाओं की सीबीआई जांच…
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य सरकार से जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) द्वारा आयोजित परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने और छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज की गई FIR को तत्काल रद्द करने की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस सिलसिले में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुख्य सचिव को एक ज्ञापन सौंपा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, सांसद और विधायक प्रोजेक्ट भवन पहुंचे और अपनी मांगें रखीं। पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने इन मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं की तो वह आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें
ज्ञापन में भाजपा ने आरोप लगाया है कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की विभिन्न परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। पार्टी ने अपनी मांगों को स्पष्ट रूप से सामने रखा है:
- CBI जांच: कथित धांधली के कारण रद्द या स्थगित की गई सभी परीक्षाओं की सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- FIR वापसी: छात्र आंदोलन के दौरान और उसके बाद छात्रों के खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज सभी प्राथमिकियों को तत्काल रद्द किया जाए। पार्टी ने इसके लिए सर्वोच्च न्यायालय के एक आदेश का भी हवाला दिया है।
- अधिकारियों पर कार्रवाई: ज्ञापन में कहा गया है कि जिन वरिष्ठ अधिकारियों के अधीन काम करने वाले कनिष्ठ कर्मचारी परीक्षा धांधली में गिरफ्तार हुए हैं, उनकी भूमिका की भी जांच हो।
- आयोग सदस्यों की जांच: आयोग के अध्यक्ष की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए, भाजपा ने मामले में समान रूप से जिम्मेदार अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच और दोष साबित होने पर उनकी गिरफ्तारी की मांग की है।
भाजपा नेताओं का कहना था कि इन कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों में गहरा आक्रोश है और उनके शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाने के लिए मुकदमे दर्ज किए गए। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, सांसद प्रदीप वर्मा और बीडी राम समेत कई विधायक और पार्टी पदाधिकारी शामिल थे।
इनपुट: IANS



