यूक्रेन पर रूस का बड़ा हमला: ज़ेलेंस्की बोले - आम नागरिकों को निशाना बनाना युद्ध अपराध, मदद में देरी से जा रहीं जानें
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने रूस पर आम नागरिकों को निशाना बनाकर युद्ध अपराध करने का आरोप लगाया है। उन्होंने गुरुवार को हुए देशव्यापी हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से तत्काल…
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने रूस पर आम नागरिकों को निशाना बनाकर युद्ध अपराध करने का आरोप लगाया है। उन्होंने गुरुवार को हुए देशव्यापी हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से तत्काल सैन्य सहायता, विशेषकर एयर डिफेंस मिसाइलों की आपूर्ति की गुहार लगाई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों में कई रिहायशी इमारतें और नागरिक ठिकाने तबाह हो गए, जिनमें कम से कम आठ लोगों की जान चली गई।
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि नीपर क्षेत्र के रादुश्ने में एक रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमले में एक ही परिवार के पाँच लोगों की मौत हो गई। उन्होंने लिखा, "इस हमले में माता-पिता और उनके तीन बच्चों की मौत हो गई। वहीं, दो अन्य बच्चों को मलबे के नीचे से जीवित निकाल लिया गया। यह एक आम परिवार का घर था, जिसे बैलिस्टिक मिसाइल ने पूरी तरह से बर्बाद कर दिया।"
रात भर हुए देशव्यापी हमले
गुरुवार तड़के हुए ये हमले सिर्फ एक इलाके तक सीमित नहीं थे। कीव और उसके आसपास के क्षेत्रों के अलावा नीपर, ल्वीव, पोल्टावा, खार्किव, मायकोलाइव, सुमी, विन्नित्सिया, चेर्कासी और इवानो-फ्रैंकिव्स्क क्षेत्रों को भी निशाना बनाया गया। ल्वीव में एक रिहायशी इमारत पर हमले के बाद बचावकर्मी मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रहे हैं। ज़ेलेंस्की ने कहा, "मैं उनके परिवारों और प्रियजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।" उन्होंने बताया कि कई लोग घायल हुए हैं और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता दी जा रही है।
हमले का स्तर और यूक्रेन की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति के मुताबिक, रूस ने इन हमलों में 70 से ज़्यादा मिसाइलों का इस्तेमाल किया, जिनमें बैलिस्टिक मिसाइलें भी शामिल थीं। इसके अलावा 280 से अधिक अटैक ड्रोन भी दागे गए। उन्होंने बताया कि यूक्रेनी वायु सेना और मोबाइल फायर टीमों ने 260 से ज़्यादा ड्रोन और कई क्रूज मिसाइलों को मार गिराया।
ज़ेलेंस्की ने कहा, "हमारे सहयोगी देशों से एयर डिफेंस मिसाइलों की गंभीर कमी के बावजूद, हमारे सैनिक बेहद मुश्किल हालात में शानदार काम कर रहे हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि मदद में देरी का सीधा असर लोगों की जान पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा, "मदद पहुंचाने में देरी या एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों की आपूर्ति समय पर न होने का नतीजा वही तबाही और जान-माल का नुकसान है, जैसा आज हम देख रहे हैं।"
इनपुट: IANS



