बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर विदेश मंत्रालय का जवाब: जापान के पूर्व मंत्री के आरोप 'तथ्यों से अलग', पहला चरण 2027 में शुरू होगा
भारत और जापान के बीच महत्वाकांक्षी मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (MAHSR) परियोजना को लेकर विदेश मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय ने जापान के एक पूर्व मंत्री द्वारा सोशल मीडिया पर लगाए गए…
भारत और जापान के बीच महत्वाकांक्षी मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (MAHSR) परियोजना को लेकर विदेश मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय ने जापान के एक पूर्व मंत्री द्वारा सोशल मीडिया पर लगाए गए वादाखिलाफी के आरोपों को "तथ्यों से काफी अलग" बताते हुए खारिज कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को नई दिल्ली में साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि इस मामले में जापान की ओर से कोई अलग प्रस्ताव नहीं मिला था।
प्रवक्ता जायसवाल ने बताया कि यह परियोजना तय योजना के अनुसार अच्छी तरह आगे बढ़ रही है और निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा, "जिस 'पोस्ट' का जिक्र किया गया है, हमने उसे देखा है। यह एक व्यक्ति की राय है, जो तथ्यों से काफी अलग है।"
परियोजना की मौजूदा स्थिति और भविष्य की योजना
प्रवक्ता ने परियोजना की प्रगति पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि भारत और जापान के बीच बातचीत बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है। उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि परियोजना का पहला हिस्सा 2027 में शुरू कर दिया जाएगा। शुरुआत में भारतीय हाई-स्पीड ट्रेनों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसके लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सिग्नलिंग उपकरण का ऑर्डर दिया जा चुका है।
जापान द्वारा ई-20 सीरीज की ट्रेनों की आपूर्ति 2030 के शुरुआती वर्षों में संभव हो पाएगी, क्योंकि ये ट्रेनें अभी भी तैयार की जा रही हैं। जायसवाल ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों का लक्ष्य हाई स्पीड ट्रेन सेवा को जल्द से जल्द शुरू करना है और इसी सहमति के तहत काम आगे बढ़ रहा है।
इनपुट: IANS



