जमशेदपुर बंद पर भाजपा का बयान: 'बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर यह जनता का आक्रोश'
झारखंड में हिमांशु सिंह हत्याकांड और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के खिलाफ शुक्रवार को जमशेदपुर और आदित्यपुर में हुए बंद को प्रदेश भाजपा ने सरकार के प्रति जनता के गुस्से की अभिव्यक्ति बताया है। पार्टी के प्
झारखंड में हिमांशु सिंह हत्याकांड और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के खिलाफ शुक्रवार को जमशेदपुर और आदित्यपुर में हुए बंद को प्रदेश भाजपा ने सरकार के प्रति जनता के गुस्से की अभिव्यक्ति बताया है। पार्टी के प्रदेश महामंत्री अमर बाउरी ने कहा कि यह बंद सरकार के लिए एक स्पष्ट संदेश है और अगर हालात नहीं सुधरे तो यह आक्रोश पूरे राज्य में फैलेगा।
रांची में एक प्रेस वार्ता के दौरान, समाचार एजेंसी IANS के हवाले से, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने दावा किया कि बंद को स्वतः स्फूर्त समर्थन मिला। उन्होंने कहा, "बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से लेकर छोटे दुकानदारों, ठेला-खोमचा संचालकों और आम नागरिकों तक ने बंद में शामिल होकर गुस्से का इजहार किया है।" बाउरी के अनुसार, बंद का आह्वान भले ही भाजपा ने किया था, लेकिन हर वर्ग का इसमें शामिल होना बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ एक सामूहिक प्रतिक्रिया है।
सरकार और पुलिस-प्रशासन पर आरोप
भाजपा नेता ने हिमांशु सिंह की हत्या के लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया, क्योंकि यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस ने अपने कर्तव्य का पालन करने में लापरवाही की, अन्यथा युवक की जान बचाई जा सकती थी। बाउरी ने मांग दोहराई कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
अमर बाउरी ने राज्य की समग्र कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि जमशेदपुर इसका सबसे ताजा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि पुलिस पर से लोगों का भरोसा कमजोर हो रहा है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
'उड़ता पंजाब' की राह पर झारखंड?
प्रेस वार्ता में बाउरी ने जमशेदपुर और आदित्यपुर में मादक पदार्थों के बढ़ते कारोबार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक बड़ा सिंडिकेट नशे के इस कारोबार के पीछे सक्रिय है और झारखंड 'उड़ता पंजाब' जैसी स्थिति की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सिर्फ पुलिस अधिकारियों के तबादले से स्थिति नहीं सुधरेगी, बल्कि सरकार को अपराध नियंत्रण और पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
इनपुट: IANS



