जम्मू-कश्मीर: मेडिकल इंटर्न्स की हड़ताल और कम स्टाइपेंड पर इल्तिजा मुफ़्ती ने सरकार को घेरा
जम्मू-कश्मीर में मेडिकल इंटर्न्स अपने स्टाइपेंड को लेकर एक बार फिर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। महज 12,400 रुपये मासिक भत्ते के विरोध में इंटर्न्स दो दिनों से हड़ताल पर हैं, जिससे अस्पतालों में मरीजों…
जम्मू-कश्मीर में मेडिकल इंटर्न्स अपने स्टाइपेंड को लेकर एक बार फिर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। महज 12,400 रुपये मासिक भत्ते के विरोध में इंटर्न्स दो दिनों से हड़ताल पर हैं, जिससे अस्पतालों में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस मुद्दे पर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की नेता इल्तिजा मुफ़्ती ने उमर अब्दुल्ला सरकार की कड़ी आलोचना की है।
इल्तिजा मुफ़्ती ने इंटर्न्स को "बहुत कम पैसे" दिए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह राशि रोजाना लगभग 400 रुपये बनती है, जिसमें गुजारा करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि कई इंटर्न्स की ड्यूटी बड़गाम और कुपवाड़ा जैसे दूर-दराज के इलाकों में लगती है, जहां सिर्फ आने-जाने का खर्च ही पूरा नहीं हो पाता।
सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल
पीडीपी नेता ने सरकार पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए कहा, "जब मंत्रियों और विधायकों की सुविधाओं की बात आती है तो जम्मू-कश्मीर का खजाना भरा हुआ लगता है, लेकिन जैसे ही मेडिकल इंटर्न्स के स्टाइपेंड बढ़ाने की बात आती है, खजाना खाली हो जाता है।" उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बजट बढ़ाने, मंत्रियों के मोटरकेड और अन्य आयोजनों के लिए पैसे हैं, तो डॉक्टरों की भावी पीढ़ी के लिए क्यों नहीं।
अन्य राज्यों से तुलना और इंटर्न्स की मांग
इल्तिजा मुफ्ती ने बताया कि पिछले दो साल से इंटर्न्स लगातार स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ओडिशा, बंगाल, यूपी और बिहार जैसे राज्यों ने अपने मेडिकल इंटर्न्स का स्टाइपेंड बढ़ाकर 60,000 रुपये प्रति माह कर दिया है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में अब तक कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
इंटर्न्स के कठिन परिश्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "आपको पता है ये लोग कितनी मेहनत करते हैं? वो दिन-रात मिलाकर 36 घंटे काम करते हैं। इनको गजेटेड हॉलिडे नहीं मिलती, रविवार की छुट्टी नहीं मिलती है, और सप्ताह के अंत में छुट्टी नहीं होती है।" इल्तिजा ने प्रस्तावित 30,000 रुपये महीने के स्टाइपेंड को तुरंत मंजूरी देने की मांग की और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से इस मामले में जल्द बैठक करने की अपील की।
इनपुट: IANS



