SCO बैठक में भारतीय विरासत की झलक: PM मोदी ने किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान के नेताओं को दिए खास तोहफे
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में हिस्सा लेने किर्गिस्तान पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत की झलक पेश की। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस अवसर पर…
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में हिस्सा लेने किर्गिस्तान पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत की झलक पेश की। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस अवसर पर उन्होंने किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों और उनके परिवार के सदस्यों को भारतीय कला, संगीत और हस्तशिल्प से जुड़े कई विशेष उपहार भेंट किए। ये उपहार दोनों देशों के साथ भारत के गहरे सांस्कृतिक संबंधों को भी दर्शाते हैं।
किर्गिस्तान को महाभारत और लद्दाखी कला
प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान के राष्ट्रपति को विद्वान बिबेक देबरॉय द्वारा अंग्रेजी में अनुवादित महाभारत का 10 खंडों का पूरा संस्करण उपहार में दिया। इस महाकाव्य को धर्म, न्याय और राज्यकला जैसे विषयों पर भारत की दार्शनिक धरोहर का प्रतीक माना जाता है। इसे किर्गिस्तान के प्रसिद्ध महाकाव्य 'मानस' के साथ सांस्कृतिक समानता के तौर पर भी प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा, राष्ट्रपति को लद्दाख का पारंपरिक 'त्सुग-दुल' ऊनी कंबल भी भेंट किया गया, जो अपनी रंगीन ज्यामितीय डिजाइन और घुमंतू संस्कृति के लिए जाना जाता है। वहीं, किर्गिस्तान के प्रधानमंत्री को प्राचीन 'लॉस्ट-वैक्स' ढलाई तकनीक से बनी डोकरा कला की 'संगीतकारों की जोड़ी' भेंट की गई, जो दोनों देशों की लोक संगीत परंपरा को जोड़ती है।
उज्बेकिस्तान के लिए संगीत और शिल्प का संगम
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति को चंदन की लकड़ी से बनी 'शततंत्री वीणा' (संतूर) भेंट की गई। जम्मू-कश्मीर की संगीत परंपरा से जुड़ा यह वाद्य यंत्र उज्बेकिस्तान के पारंपरिक वाद्य 'चांग' से काफी मिलता-जुलता है। राष्ट्रपति को हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी की प्रसिद्ध 'कांगड़ा फर्स्ट फ्लश ब्लैक टी' और 'कांगड़ा ग्रीन टी' भी एक नक्काशीदार लकड़ी के बक्से में दी गई।
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की पत्नी को आगरा की संगमरमर जड़ाई वाली पेटी और वाराणसी का मशहूर बनारसी सिल्क स्टोल दिया गया। उनकी बेटी को फूलों की आकृति वाला एक खूबसूरत चांदी का ब्रोच भेंट किया गया, जो भारतीय आभूषण कला की बारीकी को दर्शाता है। उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्री को आगरा की पत्थर जड़ाई कला से सजी एक सजावटी प्लेट उपहार में दी गई, जो दोनों देशों की साझा कलात्मक विरासत का प्रतीक है।
इनपुट: IANS



