जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हेमंत सोरेन को राहत नहीं, 21 सितंबर को अगली सुनवाई
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शनिवार को रांची की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश होना था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। उनके वकील ने अदालत को बताया कि…
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शनिवार को रांची की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश होना था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। उनके वकील ने अदालत को बताया कि मुख्यमंत्री पहले से तय संवैधानिक दायित्वों के कारण व्यस्त हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अदालत ने अब इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 21 सितंबर की तारीख निर्धारित की है।
कोर्ट ने मुख्यमंत्री सोरेन को 21 सितंबर को शाम चार बजे व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने का निर्देश दिया है। यह सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट द्वारा उनकी डिस्चार्ज याचिका खारिज किए जाने के ठीक एक दिन बाद हुई। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने उन्हें इस मामले में कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया था, जिससे निचली अदालत में कार्यवाही का रास्ता साफ हो गया था।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला रांची के बड़गाईं इलाके की 8.86 एकड़ जमीन के कथित अवैध लेनदेन से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले की जांच कर रहा है। एजेंसी का आरोप है कि इस जमीन को हासिल करने के लिए दस्तावेजों और प्रक्रियाओं में फर्जीवाड़ा किया गया। इस मामले में ईडी ने हेमंत सोरेन समेत करीब 18 लोगों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज की है।
विशेष अदालत इस मामले में कई अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही आरोप तय कर चुकी है। हेमंत सोरेन की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया है और कहा गया है कि उनके खिलाफ कोई पर्याप्त प्रत्यक्ष सबूत नहीं हैं। वहीं, ईडी का कहना है कि जांच में मिले दस्तावेज और गवाहों के बयान प्रथम दृष्टया मामला साबित करते हैं।
अदालती कार्यवाही का क्रम
हेमंत सोरेन ने पहले रांची की विशेष पीएमएलए अदालत में डिस्चार्ज याचिका दायर की थी, जिसे 8 जून को खारिज कर दिया गया था। कोर्ट ने कहा था कि शुरुआती सबूतों के आधार पर मामले में आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद है। इसी फैसले को सोरेन ने झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन वहां भी 16 सितंबर को सुनवाई के बाद उनकी याचिका खारिज कर दी गई।
इनपुट: IANS



