मंगलवार, 25 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल

जादवपुर विश्वविद्यालय में कथित 'भारत-विरोधी' ग्राफिटी पर ममता बनर्जी सख्त, दिए जांच के आदेश

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के प्रतिष्ठित जादवपुर विश्वविद्यालय में कथित तौर पर आपत्तिजनक और राष्ट्रविरोधी नारे लिखे जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस मामले की…

जादवपुर विश्वविद्यालय में कथित 'भारत-विरोधी' ग्राफिटी पर ममता बनर्जी सख्त, दिए जांच के आदेश
(फोटो: IANS)

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के प्रतिष्ठित जादवपुर विश्वविद्यालय में कथित तौर पर आपत्तिजनक और राष्ट्रविरोधी नारे लिखे जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं और कहा है कि शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह की गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विज्ञापन

समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री शिकायत प्रकोष्ठ को विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों से वीडियो और तस्वीरें मिली हैं। इन तस्वीरों में आर्ट्स डिवीजन के बॉयज हॉस्टल परिसर की दीवारों पर आपत्तिजनक, हिंसक और कथित तौर पर 'भारत-विरोधी' संदेशों वाली ग्राफिटी और चित्र दिखाई दे रहे हैं।

जांच और कार्रवाई के सख्त निर्देश

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि शिक्षण संस्थान अकादमिक उत्कृष्टता और राष्ट्र-निर्माण के पवित्र केंद्र होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय परिसर को किसी भी सूरत में विकृत प्रचार या भारत विरोधी विचारों के प्रसार का मंच नहीं बनने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने जादवपुर विश्वविद्यालय के कुलपति, उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव और अन्य संबंधित अधिकारियों से मामले की तुरंत जांच करने का आग्रह किया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि सबसे पहले हॉस्टल क्षेत्र का भौतिक सत्यापन किया जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो इन चित्रों और ग्राफिटी को बनाने वाले जिम्मेदार लोगों की पहचान की जानी चाहिए।

'जीरो टॉलरेंस' की नीति

ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार राज्य में, विशेषकर शैक्षणिक संस्थानों में, किसी भी प्रकार की राष्ट्रविरोधी गतिविधि के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाती है। उन्होंने संबंधित विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि यदि जांच में इन संदेशों की पुष्टि होती है, तो इन्हें तत्काल हटाया जाए। साथ ही, दोषियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि बंगाल के शैक्षणिक संस्थान प्रतिभा और अनुशासन के केंद्र बने रहने चाहिए, न कि विभाजनकारी विचारों के मंच। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए परिसर में स्वस्थ माहौल सुनिश्चित करेगा।

इनपुट: IANS

N

News4Social पश्चिम बंगाल डेस्क

News4Social पश्चिम बंगाल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से पश्चिम बंगाल से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →