ईरान से दो टूक: 'हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन थोपा गया तो पूरी ताकत से करेंगे अपना बचाव'
ईरान ने एक बार फिर साफ़ किया है कि वह किसी भी देश के साथ युद्ध या टकराव नहीं चाहता, लेकिन अगर उस पर हमला होता है तो वह अपनी रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है और पूरी मज़बूती से जवाब देगा। समाचार…
ईरान ने एक बार फिर साफ़ किया है कि वह किसी भी देश के साथ युद्ध या टकराव नहीं चाहता, लेकिन अगर उस पर हमला होता है तो वह अपनी रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है और पूरी मज़बूती से जवाब देगा। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह बात ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरिफ़ ने कही। उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत के ज़रिए ही सभी समस्याओं और मतभेदों को सुलझाने का पक्षधर है।
मंगलवार को तेहरान में आयोजित एक कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति आरिफ़ ने ईरानी लोगों के हौसले और देश की हज़ारों साल पुरानी सभ्यता की सराहना की। इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज़ एजेंसी (आईआरएनए) की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि देश पर लगाए गए प्रतिबंधों का सामना करने और उनसे उबरने में ईरान सफल रहा है।
अमेरिका और इज़रायल पर निशाना
उपराष्ट्रपति ने अमेरिका और इज़रायल के नेतृत्व वाली ताकतों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अपने किसी भी मक़सद में कामयाब नहीं हो सके हैं। उन्होंने इसका श्रेय ईरानी लोगों की मज़बूती और उनके बुलंद हौसले को दिया। आरिफ़ ने कहा, "ईरानी लोग मज़बूत हैं और किसी भी तरह के दबाव, अनुचित व्यवहार या ज़बरदस्ती का सामना करने की क्षमता रखते हैं।"
पुराने युद्ध का ज़िक्र और भविष्य की चेतावनी
मोहम्मद रज़ा आरिफ़ ने 1980 के दशक में इराक के साथ हुए आठ साल लंबे युद्ध को भी याद किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के नेतृत्व वाली ताकतों ने क्षेत्र के कुछ अरब देशों के संसाधनों के सहारे ईरान पर यह युद्ध थोपा था। उनका इशारा तत्कालीन इराकी शासक सद्दाम हुसैन की तरफ़ था। उन्होंने कहा कि उस युद्ध का नतीजा सबके सामने है, फिर भी उससे कोई सबक़ नहीं लिया गया।
उपराष्ट्रपति ने प्रतिबंधों के प्रभाव पर कहा, "हां, इसकी कुछ क़ीमत चुकानी पड़ती है और यह स्वाभाविक है। लोगों को प्रतिबंधों या नाकेबंदी से डरना नहीं चाहिए। आख़िरकार ऐसे सभी क़दम उन्हीं लोगों पर उल्टा असर डालेंगे जो इन्हें लागू करते हैं।" यह कार्यक्रम राष्ट्रीय कौशल सप्ताह और राष्ट्रीय उद्यमिता एवं तकनीकी-व्यावसायिक प्रशिक्षण दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया था।
इनपुट: IANS



