PTI विधायक की गिरफ्तारी पर चितराल में प्रदर्शन, पार्टी ने 'तानाशाही' बताया
पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) और सरकार के बीच तनाव गहराता जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद में पार्टी विधायक फतेह-उल-मुल्क अली नासिर की गिरफ्तारी…
पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) और सरकार के बीच तनाव गहराता जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद में पार्टी विधायक फतेह-उल-मुल्क अली नासिर की गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार को चितराल में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने विधायक की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग करते हुए सरकार की इस कार्रवाई को "तानाशाही और फासीवाद का बेहद खराब उदाहरण" बताया। सीनेटर फलक नाज और स्थानीय नेताओं की अगुवाई में यह विरोध प्रदर्शन चितराल प्रेस क्लब तक पहुंचा, जहां पार्टी नेताओं ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की।
क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई
पीटीआई नेताओं ने अफसोस जताया कि चितराल से चुने गए नेताओं को 'सुनियोजित तरीके से राजनीतिक निशाना' बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नासिर से पहले, क्षेत्र के संसद सदस्य (MNA) अब्दुल लतीफ को भी 9 मई की घटनाओं से जुड़े झूठे मामलों में जेल में डाल दिया गया है। पार्टी का कहना है कि अब विधायक (MPA) की गिरफ्तारी के बाद चितराल का विधानसभा और संसद में कोई प्रतिनिधित्व नहीं बचा है।
27 सितंबर के मार्च की तैयारी
इन गिरफ्तारियों के बावजूद पार्टी अपने तय कार्यक्रम पर अडिग है। पीटीआई नेताओं ने स्पष्ट किया कि कार्यकर्ता ऐसी कार्रवाइयों से डरकर पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने ऐलान किया कि 27 सितंबर को इस्लामाबाद में होने वाले मार्च में चितराल से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। यह मार्च पार्टी संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर आयोजित किया जा रहा है। पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष बैरिस्टर गोहर अली खान ने इसे शांतिपूर्ण और संवैधानिक अधिकार बताया है।
सरकार का सख़्त रुख
उधर, सरकार ने भी प्रदर्शन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को इस्लामाबाद पहुंचने से रोकने की तैयारी की जा रही है। पिछले कुछ दिनों में पीटीआई के कई सांसदों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। रावलपिंडी में भी पिछले दो दिनों में 41 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की खबर है। यहां तक कि इमरान खान की तीन बहनों- अलीमा, नूरीन और उज्मा को भी 30 दिन की हिरासत में भेज दिया गया है।
इनपुट: IANS



