मालदीव में भारत के दोस्त मोहम्मद नशीद पर जानलेवा हमला, ISIS ने ली जिम्मेदारी
हाइलाइट्स:
- मालदीव की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद नशीद अपने घर के पास हुए बम धमाके में घायल हो गए हैं
- डॉक्टरों का कहना है कि मोहम्मद नशीद के सभी जरूरी अंग ठीक ढंग से काम कर रहे हैं
- इस बीच कुख्यात आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने कथित रूप से बम विस्फोट की जिम्मेदारी ली है
माले
भारत के दोस्त कहे जाने वाले मालदीव की संसद के मौजूदा अध्यक्ष मोहम्मद नशीद गुरुवार को अपने घर के निकट हुए एक बम धमाके में घायल हो गए हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि मोहम्मद नशीद के सभी जरूरी अंग ठीक से काम कर रहे हैं और जल्द ही कुछ सर्जरी भी की जाएगी। धमाके में 5 अन्य लोग भी घायल हुए हैं। इस बीच कुख्यात आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) ने कथित रूप से बम विस्फोट की जिम्मेदारी ली है।
मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह ने ऐलान किया है कि इस आतंकी हमले की जांच के लिए ऑस्ट्रेलिया की पुलिस से मदद ली जाएगी। राष्ट्रपति ने कहा कि शनिवार को ऑस्ट्रेलिया की फेडरल पुलिस के विशेषज्ञ शनिवार को पहुंच जाएंगे और जांच में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि यह हमला नशीद पर नहीं बल्कि देश के लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था पर किया गया है। बताया जा रहा है कि इस धमाके में मोहम्मद नशीद को ज्यादा चोट नहीं आई है।
आतंकी संगठन आईएसआईएस ने हमले की जिम्मेदारी ली
इस बीच स्थानीय मीडिया के मुताबिक आतंकी संगठन आईएसआईएस ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। मोहम्मद नशीद ने कुछ समय पहले भारत दौरे के दौरान देश में इस्लामिक स्टेट के बढ़ते प्रभाव को लेकर गहरी चिंता जताई थी। मालदीव के लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित पहले राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद पर हमले की स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। साथ ही उसने लोगों से राजधानी माले में धमाके वाले क्षेत्र में जाने से परहेज करने का अनुरोध किया है।
मालदीव के गृह मंत्री इमरान अब्दुल्ला ने स्थानीय टीवी चैनल को बताया को नशीद को जानलेवा चोट नहीं आई है। नशीद (53) तीस साल के एकतंत्र शासन के बाद पहली बार लोकतांत्रिक रूप से राष्ट्रपति चुने गए थे। वह 2008 से 2012 तक मालदीव के राष्ट्रपति थे। इसके बाद हुए राष्ट्रपति चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था और जेल की सजा मिलने के बाद उन्हें 2018 तक चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित कर दिया गया था। उनकी पार्टी के साथी इब्राहिम सोलिह को 2018 के राष्ट्रपति चुनाव में जीत मिली थी। नशीद को 2019 में संसद का अध्यक्ष चुना गया और वह देश के प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति बने रहे।
नशीद पर हमले को लेकर भारत ने जताई गहरी चिंता
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मालदीव की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद नशीद पर हुए हमले को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि वह जानते हैं कि नशीद कभी नहीं ‘डरेंगे’। मालदीव में सत्तारूढ़ दल मालदीव डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) ने कहा कि देश के पूर्व राष्ट्रपति नशीद के घर के बाहर हुए विस्फोट के पीछे की मंशा उनकी जान लेने की थी।
फिलहाल लंदन की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘स्पीकर मोहम्मद नशीद पर हुए हमले को लेकर चिंतित हूं। उनके जल्द ठीक होने की कामना करता हूं। जानता हूं कि वह कभी नहीं डरेंगे।’ एमडीपी के अध्यक्ष हुसैन लतीफ ने कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि यह ‘स्पीकर नशीद को जान से मारने के लिए किया गया आतंकवादी हमला था।’ सन ऑनलाइन की खबर अनुसार, ‘उनको कितनी चोट लगी, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है।’
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