सोमवार, 27 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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ईरान की सीधी चेतावनी: अमेरिका का साथ दिया तो ब्रिटिश और इजरायली ठिकाने बनेंगे निशाना

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने उन देशों को सीधी चेतावनी दी है जो ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों में सहयोग कर रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, IRGC ने…

ईरान की सीधी चेतावनी: अमेरिका का साथ दिया तो ब्रिटिश और इजरायली ठिकाने बनेंगे निशाना
(फोटो: IANS)

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने उन देशों को सीधी चेतावनी दी है जो ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों में सहयोग कर रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, IRGC ने विशेष रूप से ब्रिटेन और इजरायल को आगाह किया है कि अगर वे अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में मदद करते हैं तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

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यह चेतावनी उस खबर के बाद आई है जिसमें कहा गया था कि ब्रिटेन ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों के लिए अमेरिका को अपने कुछ सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति दी है। ईरान ने इस फैसले को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।

सहयोग करने पर सैन्य ठिकाने होंगे निशाना

IRGC के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल होसैन मोहेबी ने ब्रिटेन को लेकर एक स्पष्ट बयान दिया। उन्होंने कहा, “हाल ही में अमेरिकी बी-1 बमवर्षकों ने ब्रिटिश सैन्य अड्डों से अभियान चलाए। अगर वे इसी तरह सहयोग जारी रखते हैं, तो उन्हें हमारे निश्चित और वैध लक्ष्य माना जाएगा।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि, “हमने हर स्थिति के लिए एक खास योजना तैयार कर रखी है।”

किन ठिकानों के इस्तेमाल की मिली है अनुमति?

एजेंसी की रिपोर्ट, जो ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट का हवाला देती है, के मुताबिक ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने इस समझौते को मंजूरी दी है। इसके तहत अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ हमलों में सहायता के लिए हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे और इंग्लैंड के आरएएफ फेयरफोर्ड अड्डे का इस्तेमाल कर सकती है।

इजरायल पर क्षेत्र में तनाव बढ़ाने का आरोप

प्रवक्ता होसैन मोहेबी ने इजरायल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इजरायल भ्रामक जानकारी देकर और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को प्रभावित करके अमेरिका को इस क्षेत्र में सक्रिय रखना चाहता है। उनके अनुसार, इजरायल 'अमेरिकी ताकत का इस्तेमाल अपने लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए कर रहा है।' उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “इजरायल जानता है कि अगर वह दोबारा युद्ध में लौटता है और हम अपना पूरा ध्यान उस पर केंद्रित करते हैं, तो हम उसके साथ क्या कर सकते हैं।”

इनपुट: IANS

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