ईरान पर अमेरिकी विदेश मंत्री का बड़ा आरोप: 'देश बदहाल, सरकार हिज्बुल्लाह-हमास पर लुटा रही अरबों डॉलर'
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान पर एक गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि तेहरान सरकार अपने देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को नजरअंदाज कर रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार…
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान पर एक गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि तेहरान सरकार अपने देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को नजरअंदाज कर रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, रुबियो ने कहा कि वैश्विक प्रतिबंधों से जूझ रहे ईरान में आम जनता महंगाई और जरूरी चीजों की कमी से त्रस्त है, लेकिन सरकार अपना पैसा देश के विकास पर खर्च करने के बजाय हिज्बुल्लाह और हमास जैसे समूहों को समर्थन देने में लगा रही है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव चरम पर है। अमेरिका ने लगातार नौवीं रात ईरानी सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में अब तक तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है, जिन्हें श्रद्धांजलि देने के तौर पर अमेरिकी सरकार ने इन ताजा हमलों को अंजाम दिया है।
ईरान की आंतरिक स्थिति पर बड़ा दावा
मीडिया से बात करते हुए रुबियो ने ईरान के अंदरूनी हालात का ब्योरा दिया। उन्होंने कहा, "ईरान की अर्थव्यवस्था खराब हालत में है। वहां 300 फीसदी महंगाई है, खासकर जिंदगी के लिए जरूरी चीजों पर। वहां खाने की कमी है। वहां सूखा है, जो हमने नहीं डाला। वहां गैसोलीन और फ्यूल की कमी है। वे लोगों को सैलरी तक नहीं दे पा रहे हैं।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ये समस्याएं अमेरिकी हमलों से पहले से मौजूद थीं और अब हालात और ज्यादा बिगड़ते जा रहे हैं।
पैसों के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल
मार्को रुबियो ने आरोप लगाया कि ईरान को प्रतिबंधों में राहत या तेल की बिक्री से जो भी राजस्व मिलता है, उसे देश की भलाई के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "वे उसे हिज्बुल्लाह में निवेश करते हैं। वे उसे हमास में निवेश करते हैं। वे इराक, हिज्बुल्लाह और हमास में मिलिशिया को समर्थन करने में अरबों डॉलर खर्च करते हैं।" रुबियो के मुताबिक, ईरान को यह पैसा अपने देश के निर्माण में लगाना चाहिए, लेकिन वह इसे "आतंकवाद के बक्से में बंद" कर रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरानी सरकार के भीतर भी कुछ लोग इस नीति को लेकर जागरूक हो रहे हैं।
इनपुट: IANS



