ईरान-अमेरिका तनाव: तेहरान का 14 मौतों का दावा, खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमले का ऐलान
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव गहराता जा रहा है। तेहरान ने दावा किया है कि बुधवार से जारी अमेरिकी हवाई हमलों में उसके 14 नागरिक मारे गए हैं और 78 अन्य घायल हुए हैं। इसके जवाब में ईरानी सेना ने खाड़ी क्षे
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव गहराता जा रहा है। तेहरान ने दावा किया है कि बुधवार से जारी अमेरिकी हवाई हमलों में उसके 14 नागरिक मारे गए हैं और 78 अन्य घायल हुए हैं। इसके जवाब में ईरानी सेना ने खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले करने का ऐलान किया है। हालांकि, ईरान के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अमेरिकी हमले देश के पांच प्रांतों में हुए। मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपौर के मुताबिक, घायलों में से 47 लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि अन्य को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि प्रभावित इलाकों में चिकित्सा सेवाएं और राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं।
जवाबी कार्रवाई का ईरानी दावा
ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया है। सेना के अनुसार, इन हमलों में कुवैत में पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली, कतर में एक अर्ली वार्निंग सैटेलाइट एंटीना साइट और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण टैंक शामिल हैं। सेना का कहना है कि इस अभियान में बड़ी संख्या में विभिन्न प्रकार के ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
अमेरिका का पक्ष और ईरान का संकल्प
इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी पुष्टि की है कि उसने बुधवार रात ईरान पर फिर से हवाई हमले किए। सेंटकॉम का दावा है कि इन हमलों में ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल-ड्रोन स्टोरेज साइट और सैन्य लॉजिस्टिक्स के बुनियादी ढांचे शामिल हैं। वहीं, ईरानी सशस्त्र बलों ने एक बयान में कहा है कि वे "अमेरिकी राष्ट्रपति के उद्देश्यों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे" और अपने अभियान जारी रखेंगे।
ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमलों और उससे हुए संभावित नुकसान को लेकर अमेरिका, बहरीन, कतर और कुवैत की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इनपुट: IANS



