NEET प्रदर्शन: इंडी गठबंधन के सांसदों ने शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को घेरा, माफी की मांग
NEET परीक्षा को लेकर चल रहा राजनीतिक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब केरल में लगभग 5,000 प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद इंडी गठबंधन के सांसदों ने…
NEET परीक्षा को लेकर चल रहा राजनीतिक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब केरल में लगभग 5,000 प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद इंडी गठबंधन के सांसदों ने केंद्र सरकार और विशेषकर शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर निशाना साधा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, विपक्षी दलों ने छात्रों पर हुई कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है और शिक्षा मंत्री से उनकी एक कथित टिप्पणी के लिए माफी मांगने की मांग की है।
कांग्रेस, सीपीआई (एम) और झामुमो समेत कई विपक्षी दलों के सांसदों ने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने और विपक्ष को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं ने आश्वासन दिया है कि उनकी पार्टी शासित राज्यों में छात्रों के साथ कोई अन्याय या दमन नहीं होने दिया जाएगा।
शिक्षा मंत्री से इस्तीफे और माफी की मांग
कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए और यह स्वीकार करना चाहिए कि उनसे गलती हुई है। उन्होंने आरोप लगाया, "सरकार आमतौर पर अपनी गलतियों के लिए माफी नहीं मांगती।" इसी तरह, कांग्रेस के एक अन्य सांसद गुरजीत सिंह औजला ने भी जोशी की टिप्पणी को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए उन पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन वे छात्रों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाते रहेंगे।
छात्रों के प्रदर्शन और भविष्य पर चिंता
NEET से जुड़े पुराने विवादों का जिक्र करते हुए औजला ने दावा किया कि पहले भी 20 से ज्यादा छात्र आत्महत्या कर चुके हैं और उन्हें अपने अधिकारों के लिए लंबा आंदोलन करना पड़ा था। वहीं, झामुमो सांसद महुआ माजी ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया अपनी जगह है, लेकिन युवाओं की भावनाओं को समझना भी जरूरी है। उन्होंने कहा, "जेन-जेड युवाओं ने बड़े स्तर पर प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जाहिर की क्योंकि उन्हें अपने भविष्य को लेकर चिंता थी।"
विपक्ष पर निशाना साधने का आरोप
सीपीआई (एम) सांसद शिवदासन ने सरकार पर विपक्ष को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी सांसदों के खिलाफ लगातार शिकायतें दर्ज की जा रही हैं। उन्होंने पुलिस बल के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए और इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अनुचित बताया। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने प्रियंका गांधी की जोशी पर की गई टिप्पणी का भी समर्थन किया। औजला ने कहा कि मामले से जुड़ी बातें सार्वजनिक हैं और सत्ताधारी दल को उठाए जा रहे सवालों का जवाब देना चाहिए।
इनपुट: IANS



