भारत के मंदिर विश्वभर में प्रख्यात है। यह कई भक्तों के श्रद्धा का केंद्र है। भरत के मंदिर रहस्य और चमत्कारी शक्तियों से लैस है। ऐसा ही एक मंदिर है नासिक में स्थित त्र्यंबकेश्वर मंदिर जिसमें भक्तों की अत्यंत आस्था है। ऐसा माना जाता है की इस मंदिर के अंदर एक छोटे से गङ्ढे में तीन छोटे-छोटे लिंग मौजूद है जिन्हें ब्रह्मा, विष्णु और शिव को पूजा जाता है। त्र्यंबकेश्वर की सबसे बड़ी विशेषता ये है कि इस ज्योतिर्लिंग में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों ही विधमान है। काले पत्थरों से बना ये भव्य मंदिर देखने में अत्यंत ही खूबसूरत है।
इतना ही नहीं यहां गाय को हरा चारा खिलाने का की प्रथा भी काफी विख्यात है। इस मंदिर में प्रवेश करने से पहले यात्री कुशावर्त कुंड में स्नान करते है। इसी क्षेत्र में अहिल्या नाम की एक नदी गोदावरी भी है। अगर दंपत्ति इस संगम स्थल पर संतान प्राप्ति की कामना करते हैं तो उनकी प्रार्थना मंजूर होती है। मंदिर के आसपास की खुबसूरती देखती है बनती है। सी पर बहुत सुंदर नक्षिकाम किया हुआ है। देवालय पर सिंह, हाथी, द्वारपाल,दिग्पाल,देवतागण की मूर्तियां भी शिल्पित की गई हैं।
त्रयम्बकेश्वर में नागबली, त्रिपिंडी श्राद्ध, राहुकलसर्प शांति की पूजा करवाई जाती है। श्री त्र्यंबकेश्वर मंदिर में अभिषेक और महाभिषेक के लिए पंडितों की व्यवस्था होती है। अगर कोई सच्चे मन से इस मंदिर में आता है और ब्रह्मा, विष्णु और शिव देवों की प्रार्थना -उपासना करता है तो उसकी मनोकामना जरूर पूर्ण होती है।
यह भी पढ़ें : हनुमान जी के मंदिर में किस दिन नारियल चढ़ाना होता है शुभ मंगलवार या शनिवार















