रविवार, 12 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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ऐसा कौन-सा मंदिर है जहां दर्शन करने से आंखें ठीक हो जाती है ?

सिंगोली के पास स्थित सूलाबावजी का मंदिर आंखों के दाता के रूप में प्रसिद्ध है। यहां के कुएं के पानी, धूनी की भस्म और दर्शन से आंखों की बीमारियां ठीक होने की मान्यता है।

ऐसा कौन-सा मंदिर है जहां दर्शन करने से आंखें ठीक हो जाती है ?

भारत अपनी प्राचीन और चम्तकारी मंदिर के लिए दुनियाभर में काफी प्रख्यात है , भारत आस्था और श्रद्धा का देश माना जाता है। देश में ऐसे कई मंदिर जिनके रीती -रिवाज और चमत्कारी शक्तियाँ आप हैरान कर सकते है। आज के वक़्त में आँख से जोड़ी समस्या काफी आम बात है बच्चे से लेकर बुजुर्ग आँख से जोड़ी समस्या से जूझ रहे है।

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आपको बताना चाहेंगे एक ऐसा भी मंदिर है , जहां यह मान्यता है की अगर कोई सच्चे मन से ईश्वर के दरबार में आये तो उसकी आँख से जोड़ी समस्या से निजात पाया जा सकता है।

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सूलाबावजी का मंदिर

सिंगोली के पास स्थित सूलाबावजी का मंदिर आंखों के दाता के मंदिर के रूप में काफी प्रख्यात है। ऐसी मान्यता है की यहां का पानी पीने से आंखों की बीमारियां दूर हो जाती है। यहां आने के बाद जिनकी आंखें ठीक हुई वे मंदिर में लोहे के भाले चढ़ाते हैं। मंदिर के पास ऐसे भालों का ढेर लगा है, जो लोगों में मंदिर के प्रति आस्था को प्रकट करता है।

ऐसा कौन-सा मंदिर है जहां दर्शन करने से आंखें ठीक हो जाती है ?

आपको बताना चाहेंगे यह मंदिर करीब 300 साल पुराना है। यह भव्य मंदिर रतनगढ़-सिंगोली रोड के किनारे स्थित है। इस मंदिर को सूलाबावजी का मंदिर के तोर पर जना जाता है। सिंदूर लगी सूलाबावजी की प्रतिमा के सामने अखंड धूनी लगी है। पास ही में एक कुआं भी है। ऐसा मन जाता है कि इसी कुएं का पानी पीने व आंखों पर छिड़कने, धूनी की भस्म लगाने व सूलाबावजी के दर्शन करने से आंखें ठीक हो जाती हैं।

यही वजह है कि रविवार को यहां बड़ी तादाद में भक्त आते है। मंदिर में चारों तरफ ऐसे अनगिनत भाले हैं। मंदिर के पास लगे ढेर में तो 5 हजार से भी ज्यादा भाले हैं। कई श्रद्धालु तो यहां चांदी की आंख भी भगवन को अर्पित करते है। यह मंदिर भक्तों के लिए श्रद्धा का केंद्र है और भक्त यहाँ काफी आस लेकर आते है।

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SS

Sadhna Sharma

साधना शर्मा News4Social की संवाददाता हैं। वे राष्ट्रीय खबरों और रोज़मर्रा के ताज़ा घटनाक्रम को कवर करती हैं, और मुद्दों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुँचाने पर ध्यान देती हैं। सभी लेख देखें →

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