बांकीपुर में प्रशांत किशोर की जीत: विपक्ष बोला- 'भाजपा के बुरे दिन शुरू', पार्टी करेगी हार की समीक्षा
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट, जिसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का गढ़ माना जाता था, वहां हुए उपचुनाव में जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बड़ी जीत दर्ज की है। समाचार एजेंसी IANS की…
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट, जिसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का गढ़ माना जाता था, वहां हुए उपचुनाव में जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बड़ी जीत दर्ज की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को घोषित नतीजों में प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 19,000 से अधिक वोटों के अंतर से हराया। इस हार को विपक्ष ने भाजपा के लिए एक बड़ा झटका बताते हुए दावा किया है कि पार्टी के 'बुरे दिनों' की शुरुआत हो गई है।
यह सीट इसलिए भी महत्वपूर्ण थी क्योंकि इसे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने खाली किया था। इस चुनावी उलटफेर के बाद विपक्षी खेमे में उत्साह है। राजद सांसद मीसा भारती ने कहा, “डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद भाजपा के उम्मीदवार को हार मिली है, जहां वे लगातार जीतते थे। सबसे बड़ी बात है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सीट छोड़ी। संदेश है कि अब आपके जाने के दिन शुरू होने वाले हैं, प्रशांत किशोर को बधाई।”
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
विपक्षी दलों ने इस नतीजे को राज्य सरकार के खिलाफ जनादेश बताया है। बिहार राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल के अनुसार, “यह भाजपा के खिलाफ जनता की भावना को दिखाता है। यह बिहार में कानून-व्यवस्था के बिगड़ने और लोगों की नजर में सरकार के अहंकारी कामकाज के तरीके के खिलाफ भाजपा सरकार के लिए एक फैसला है।”
इसी तरह की राय व्यक्त करते हुए कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा, “मैंने शुरू से ही कहा था कि इस बार पटना की जनता बदलाव के लिए वोट करेगी। लोग भाजपा से तंग आ चुके थे। चेहरे के रूप में पीके आए तो लोगों ने उन्हें अपना कीमती वोट दिया।” उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने सीधे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “अब आप देख सकते हैं कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 'मेरा बूथ, मेरा गौरव' जैसे बड़े-बड़े दावे करते थे, वे अपना बूथ तक नहीं बचा पाए। ...जब राष्ट्रीय अध्यक्ष ही अपना बूथ नहीं बचा पा रहे हैं, तो आप समझ सकते हैं कि पार्टी किस हालत में पहुंच गई है।”
हार पर भाजपा का आत्ममंथन
वहीं, इस अप्रत्याशित हार के बाद भाजपा ने आत्मनिरीक्षण की बात कही है। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, “भाजपा जनादेश को सिर झुकाकर स्वीकार करती है और जनता के निर्णय का सम्मान करती है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है।” उन्होंने आगे जोड़ा कि पार्टी वोट कम मिलने के कारणों की गंभीरता से समीक्षा करेगी। सरावगी ने कहा, “हम विपक्षी दलों की तरह अपनी हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं, ईवीएम या चुनाव आयोग पर नहीं फोड़ते। भारतीय जनता पार्टी लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्थाओं में पूर्ण विश्वास रखती है और आत्ममंथन एवं समीक्षा के माध्यम से अपनी कमियों को सुधारने में विश्वास करती है।”
इनपुट: IANS



