IIT दिल्ली की नई लैब: भारत में मेडिकल उपकरणों के निर्माण और जांच को मिलेगी नई रफ़्तार
भारत के मेडिकल टेक्नोलॉजी (मेडटेक) क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने और आयात पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली ने एक बड़ा कदम उठाया है। संस्थान ने अपने राष्ट्रीय प्लेटफॉ
भारत के मेडिकल टेक्नोलॉजी (मेडटेक) क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने और आयात पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली ने एक बड़ा कदम उठाया है। संस्थान ने अपने राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म 'एमप्रगति' (mPRAGATI) के तहत एक अत्याधुनिक प्रयोगशाला शुरू की है, जो चिकित्सा उपकरणों के विकास से लेकर उनकी सुरक्षित पैकेजिंग तक की प्रक्रिया को बेहद तेज़ कर देगी। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रयोगशाला में विकसित नई तकनीकों को अस्पतालों और बाज़ार तक जल्द से जल्द पहुँचाना है।
इस नई प्रयोगशाला का उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने किया। यह सुविधा देश में ही जटिल और सटीक मेडिकल उपकरणों के निर्माण का रास्ता खोलेगी, जिससे मरीज़ों तक बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य तकनीकें पहुँच सकेंगी।
एक ही छत के नीचे निर्माण से लेकर सुरक्षा तक
यह नई लैब दो प्रमुख हिस्सों में बंटी है: एक सीएनसी (CNC) मशीनिंग सुविधा और दूसरी स्टरलाइज़ेशन एवं पैकेजिंग सुविधा। सीएनसी लैब मल्टी-एक्सिस मशीनिंग, स्विस-टाइप टर्निंग और हाई-स्पीड मिलिंग जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस है। इसकी मदद से शोधकर्ता और इनोवेटर्स अपने विचारों को वास्तविक उत्पादों में बदल सकेंगे। यहाँ मरीज़ों के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए प्रत्यारोपण (इंप्लांट), सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, डेंटल डिवाइस और विभिन्न जांचों के लिए ज़रूरी पुर्जे सटीकता के साथ बनाए जा सकेंगे।
वहीं, स्टरलाइज़ेशन एवं पैकेजिंग लैब यह सुनिश्चित करेगी कि बनाए गए उपकरण इस्तेमाल के लिए पूरी तरह सुरक्षित और संक्रमण-मुक्त हों। IANS के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, यहाँ उपकरणों को कीटाणुरहित करने, उनकी गुणवत्ता जांचने, सुरक्षित पैकेजिंग करने और उनकी उपयोग-अवधि (shelf-life) का परीक्षण करने की सभी सुविधाएँ मौजूद हैं। इसके अलावा लेजर वेल्डिंग, लेजर मार्किंग और वैक्यूम पैकेजिंग जैसी व्यवस्थाएं भी स्थापित की गई हैं।
अनुसंधान और विकास को भी बढ़ावा
इस प्रयोगशाला में चिकित्सा और जैविक अनुसंधान के लिए ज़रूरी अत्याधुनिक परीक्षण ढाँचा भी तैयार किया गया है। इसमें थर्मल साइक्लर, रियल-टाइम पीसीआर प्रणाली और ट्रांस-ब्लॉट प्रणाली जैसी कई महत्वपूर्ण मशीनें शामिल हैं। आईआईटी दिल्ली की यह पहल न केवल शोधकर्ताओं के लिए, बल्कि पूरे भारतीय मेडटेक उद्योग के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकती है, जिससे भारत में विकसित तकनीकों को व्यावसायिक रूप देने में बड़ी मदद मिलेगी।
इनपुट: IANS



