मंगलवार, 30 जून 2026 · नई दिल्ली
समाज

भूख का कोई मज़हब नहीं होता ,रोटी पर सबका अधिकार

हमारा देश भारत एक ऐसी जगह है , जहाँ ना जाने कितने ही लोग भूख और गरीबी की चलते अपनी जान से हाथ धो बैठते है l रोटी जो सबका अधिकार है ,कई बार लोग एक -एक रोटी को…

भूख का कोई मज़हब नहीं होता ,रोटी पर सबका अधिकार
हमारा देश भारत एक ऐसी जगह है , जहाँ ना जाने कितने ही लोग भूख और गरीबी की चलते अपनी जान से हाथ धो बैठते है l रोटी जो सबका अधिकार है ,कई बार लोग एक -एक रोटी को  भी मौहताज हो जाते है l लेकिन ,अगर कोई ऐसा इंसान हो जो इन गरीबों की भूख की पीड़ा को समझता हो और उनकी मदद भी करे तो ? पिछले 6 सालों से भर रहे है ज़रुरतमंदों का पेट हैदराबाद के रहने वाले सैयद उस्मान अजहर मकसुसी जो पिछले 6 सालों से हर गरीब की मदद करते है, जिसके पास खाने को  2 वक़्त की रोटी नहीं है l हर इंसान की जिंदगी का कोई न कोई मकसद होता है और अजहर की जिंदगी का मकसद है ,ज़रुरतमंदों का पेट भरना l गौरतलब है कि हैदराबाद के दबीरपुरा फ्लाईओरवर के नीचे एक दुबला पतला इंसान आता है और हर रोज़ वहां  बैठे भिखारियों और कूड़ा बीनने वालों का पेट भरता है l वर्ष 2012 से एक भी दिन ऐसा नहीं गुज़रा जिस दिन अजहर ने फ्लाईओवर के नीचे भूखों को भोजन न कराया हो l भूख का कोई मज़हब नहीं - अजहर  अजहर का मानना यह है कि ,भूख का कोई मज़हब नही होता l रोटी पर सबका बराबर अधिकार होता है l फिर इससे कोइ फर्क नहीं पड़ता की वो किस धर्म ,जाती या सम्प्रदाय का है l 36 वर्ष के अजहर खाली पेट रहने की तकलीफ समझते है l इसलिए उन्होंने ज़रूरतमंदों को खाना खिलाना अपनी जिंदगी का मकसद बना लिया है l चार साल की उम्र में ही सिर से पिता का साया उठ जाने के बाद उन्होंने हर तकलीफ सही है l इसलिए वह लोगों के कष्टों को दूर करने के लिए हर मुमकिन कोशिश करते हैंl Hunger has no religion Azhar Maqsusi feeds the poor with his on ... 1 1 सफ़र पे अकेले चले थे अब कारवां चल रहा है साथ  इस कार्य की शुरुवात अजहर ने अपनी पत्नी के साथ की थी अब उनकी पूरी एक संस्था है ,जिसका नाम है सनी वेल्फेयर फाउंडेशन'l तीन साल पहले उन्होंने यहां के अलावा सिकंदराबाद स्थित गांधी अस्पताल में भी भूखों को खाना खिलाने का काम शुरू कर दियाl फाउंडेशन की वैन में रोज 150-200 लोगों का खाना यहां से जाता हैl फाउंडेशन कुछ एनजीओ के साथ मिलकर बेंगलुरु, गुवाहाटी, रायचूर और तांदुर शहर में रोजाना आहार कार्यक्रम का संचालन करता हैl अजहर को इस बात की ख़ुशी है जब उन्होंने इसकी शुरुवात की थी तब वह अकेले थे ,लेकिन आज उनके साथ लोगो का साथ है l जो उन्हें अपनी कामयाबी का एहसास दिलाता है l सलमान और अमिताभ के हाथों हो चुके है सम्मानित अजहर का  मकसद दुनिया से भूख को मिटाना है भूखों को नहीं l अजहर को सलमान खान की संस्था 'बीइंग ह्यूमन'  द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए मुंबई भी बुलाया गया था l जहाँ उन्हें खुद सलमान खान ने सम्मानित किया था l इसके अलावा वह स्टार प्लस पर अमिताभ बच्चन के शो आज की रात है जिंदगी में भी आ चुके है l salman khan Amitabh Bachchan 1 मिसाल है अजहर मकसुसी  अजहर जैसे लोग वाकई असल जिंदगी के नायक है जो अपने लिए नहीं दूसरों के लिए जिंदगी जीते है l अजहर हम सबके लिए इंसानियत की एक जीती -जागती मिसाल है l
SP

Shweta Pathak

श्वेता पाठक News4Social की संवाददाता हैं। वे राष्ट्रीय खबरों और सोशल मीडिया से जुड़े ट्रेंड्स को कवर करती हैं, और तेज़ी से बदलती खबरों को सटीक रूप में प्रस्तुत करती हैं। सभी लेख देखें →

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