जम्मू-कश्मीर: आतंकी हमलों पर फारूक अब्दुल्ला ने उठाए सवाल, कहा - 'हम सिर्फ अपना हक और इज्जत मांग रहे हैं'
जम्मू-कश्मीर में हाल में हुए आतंकी हमलों के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि अगर आतंकवाद खत्म हो गया है तो फिर ये हमले कौन कर…
जम्मू-कश्मीर में हाल में हुए आतंकी हमलों के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि अगर आतंकवाद खत्म हो गया है तो फिर ये हमले कौन कर रहा है। अनंतनाग में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि 2019 के बाद हालात बदलने का दावा किया गया था, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अब्दुल्ला ने हाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा, "हाल ही में एक पुलिस कांस्टेबल को गोली मारी गई, और दो प्रवासी श्रमिकों को भी गोली मारी गई। मैं पूछना चाहता हूं, इन हत्याओं के लिए कौन जिम्मेदार है?" उन्होंने आगे कहा, "आप कहते हैं कि आतंकवाद खत्म हो गया है, लेकिन अगर यह खत्म हो गया है, तो ये लोग कौन हैं जो ऐसे हमले कर रहे हैं? अगर पूरा बॉर्डर कंट्रोल में है, तो ये हमलावर कहां से आ रहे हैं?"
हक और पीओके पर टिप्पणी
फारूक अब्दुल्ला ने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा, "हम सिर्फ अपने हक और इज्जत वापस पाने की मांग कर रहे हैं।" इसके अलावा, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के मुद्दे पर उन्होंने कहा, "वे भी हमारे भाई हैं। अगर उन पर ज़ुल्म हो रहा है, तो हमने बार-बार कहा है कि इस मामले पर ध्यान देना चाहिए।" उन्होंने संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की।
वहीं, पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा, "मैं महबूबा जी को जवाब नहीं दूंगा। वह जो कहती हैं, कहती हैं।"
आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि
यह उल्लेखनीय है कि पिछले 10 दिनों के भीतर जम्मू-कश्मीर में दो आतंकी हमले हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अनंतनाग और कुलगाम में हुए ये दोनों हमले लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) की साजिश थे। जांच एजेंसियों का मानना है कि लश्कर अपनी पुरानी रणनीति पर लौट रहा है, जिसमें वह कश्मीर में नागरिकों को निशाना बनाने के लिए अपने सहयोगी संगठनों का इस्तेमाल करता है। इन हमलों में लश्कर के एक सदस्य की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
इनपुट: IANS



