आंध्र प्रदेश: TDP के निवेश दावों पर संसद में केंद्र के आंकड़ों से YSRCP ने उठाए सवाल
केंद्र सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए आंकड़ों ने आंध्र प्रदेश में TDP के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के निवेश और रोजगार सृजन के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन आंकड़ों का हवाला देते हुए वाईएसआर…
केंद्र सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए आंकड़ों ने आंध्र प्रदेश में TDP के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के निवेश और रोजगार सृजन के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन आंकड़ों का हवाला देते हुए वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि सरकार द्वारा प्रचारित लाखों करोड़ के निवेश और लाखों नौकरियों की जमीनी हकीकत कुछ और है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र के जवाब से पता चलता है कि पिछले दो वर्षों में राज्य में केवल कुछ ही औद्योगिक परियोजनाएं धरातल पर उतरी हैं।
यह पूरा मामला YSRCP सांसद पी.वी. मिथुन रेड्डी द्वारा लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के बाद सामने आया। इसके जवाब में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि पिछले दो सालों में डीपीआईआईटी और इन्वेस्ट इंडिया की निगरानी वाले केवल 10 निवेश प्रोजेक्ट ही राज्य में जमीन पर उतर पाए हैं। इनमें से भी सिर्फ दो प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य पूरा हुआ है, जबकि बाकी अभी भी निर्माणाधीन हैं।
निवेश और रोजगार की वास्तविक स्थिति
केंद्रीय मंत्री के जवाब के मुताबिक, इन 10 परियोजनाओं से जुड़ा कुल अनुमानित निवेश 6,962 करोड़ रुपए है। इसके साथ ही, केंद्र ने यह भी स्पष्ट किया कि इन परियोजनाओं से 22,167 नौकरियों के जो अवसर पैदा होने की बात है, वे केवल 'अनुमानित' हैं। ये नौकरियां परियोजनाएं पूरी तरह से चालू होने के बाद सृजित होने की उम्मीद है, न कि ये पहले ही दी जा चुकी हैं। जवाब में अब तक हुए वास्तविक निवेश या वर्तमान में रोजगार पाए लोगों की संख्या का कोई खुलासा नहीं किया गया है।
विपक्ष के आरोप और सरकार का नैरेटिव
इन आंकड़ों के आधार पर YSRCP ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार निवेश प्रस्तावों को वास्तविक निवेश और भविष्य में मिलने वाली नौकरियों को पहले से सृजित रोजगार के रूप में पेश कर रही है। पार्टी ने कहा कि जहां टीडीपी सरकार अभूतपूर्व औद्योगिक विकास का दावा कर रही है, वहीं आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि जमीनी हकीकत और सरकार के राजनीतिक नैरेटिव में भारी अंतर है।
एक अन्य सवाल के जवाब में केंद्र ने बताया कि राज्य में उद्यमिता विकास कार्यक्रमों के तहत 2024-25 में 10,093 लोगों ने और 2025-26 में 32,428 लोगों ने हिस्सा लिया। हालांकि, इस जानकारी में यह नहीं बताया गया कि इनमें से कितने लोगों ने असल में कोई उद्योग स्थापित किया या उन्हें कोई वित्तीय सहायता मिली। विपक्ष का कहना है कि यह इस बात का संकेत है कि केवल कौशल प्रशिक्षण को औद्योगिक विकास के तौर पर नहीं दिखाया जा सकता।
इनपुट: IANS



