आंध्र प्रदेश शिक्षक भर्ती: YSRCP ने लगाए अनियमितता के आरोप, शिक्षा मंत्री नारा लोकेश से मांगा इस्तीफा
आंध्र प्रदेश में जिला चयन समिति (DSC) के माध्यम से हुई शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। मुख्य विपक्षी दल वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने भर्ती में गंभीर अनियमितताओं का…
आंध्र प्रदेश में जिला चयन समिति (DSC) के माध्यम से हुई शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। मुख्य विपक्षी दल वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने भर्ती में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए राज्य के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे और पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, YSRCP ने इस मुद्दे को NEET परीक्षा विवाद से जोड़ते हुए नैतिक जवाबदेही की मांग की है।
यह विवाद तब और बढ़ गया जब YSRCP अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने शनिवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए सीधे शिक्षा मंत्री को निशाना बनाया। उन्होंने लिखा, "नीट पेपर लीक मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा देकर जवाबदेही की मिसाल पेश की है। अब आंध्र प्रदेश में भी यही सवाल उठता है कि लगभग 3.5 लाख अभ्यर्थियों से जुड़ी डीएससी परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के बीच क्या शिक्षा मंत्री नारा लोकेश नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देंगे? या फिर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू जवाबदेही के बजाय अपने बेटे का बचाव करेंगे?"
अनिवार्य योग्यता की अनदेखी का आरोप
YSRCP के MLC पी. चंद्रशेखर रेड्डी ने रविवार को नेल्लोर में मीडिया से बात करते हुए आरोपों को और विस्तार दिया। उन्होंने दावा किया कि भर्ती प्रक्रिया में अधिसूचना से लेकर नियुक्तियों तक कई स्तरों पर नियमों को तोड़ा गया। उन्होंने कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना सभी शिक्षक पदों के लिए अनिवार्य शर्त थी, जिसका उल्लेख DSC अधिसूचना में भी था। रेड्डी ने आरोप लगाया, "अदालत ने भी निर्देश दिया है कि शारीरिक शिक्षा निदेशकों (फिजिकल डायरेक्टर्स) को छोड़कर सभी शिक्षकों के लिए टीईटी योग्यता अनिवार्य है।" उन्होंने दावा किया कि इसके बावजूद गठबंधन सरकार ने बिना TET पास किए उम्मीदवारों को नियुक्ति दे दी और इनमें से कई अभ्यर्थी अब TET परीक्षा दे रहे हैं।
व्यापक जांच और शिक्षा व्यवस्था पर चिंता
चंद्रशेखर रेड्डी ने प्रश्नपत्र बनाने, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और भर्ती के अन्य पहलुओं में भी धांधली का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए मामला CBI को सौंपा जाना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली जगन मोहन रेड्डी सरकार द्वारा शुरू की गई 'नाडु-नेडु' और अंग्रेजी माध्यम शिक्षा जैसी योजनाओं को बंद कर दिया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 'तल्लिकी वंदनम' योजना से 20 लाख से अधिक लाभार्थियों को बाहर कर दिया गया है, जो सरकार की शिक्षा के प्रति उदासीनता को दर्शाता है।
इनपुट: IANS



