DSC परीक्षा विवाद: वाईएसआरसीपी ने शिक्षा मंत्री नारा लोकेश का इस्तीफा मांगा, घोटाले के नए सबूतों का दावा
आंध्र प्रदेश में कथित जिला चयन समिति (DSC) परीक्षा घोटाले को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने सोमवार को राज्य के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश पर सीधा हमला बोलते हुए…
आंध्र प्रदेश में कथित जिला चयन समिति (DSC) परीक्षा घोटाले को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने सोमवार को राज्य के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश पर सीधा हमला बोलते हुए उनके इस्तीफे की मांग फिर दोहराई। पार्टी का आरोप है कि इस मामले में हर दिन नए सबूत सामने आ रहे हैं, जिससे सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, वाईएसआरसीपी के राज्य समन्वयक सज्जाला रामकृष्ण रेड्डी ने कहा कि जैसे-जैसे नए तथ्य उजागर हो रहे हैं, गठबंधन सरकार की मामले को दबाने की कोशिशें नाकाम हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों से जवाब दिलवाने के बजाय, मंत्री नारा लोकेश को खुद पद छोड़ देना चाहिए। रेड्डी ने आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि शिक्षकों के पद पैसे लेकर बेचे गए हैं।
गड़बड़ियों के गंभीर आरोप
सज्जाला रामकृष्ण रेड्डी ने कहा कि इस पूरे मामले में सभी उंगलियां सीधे शिक्षा मंत्री नारा लोकेश की ओर उठ रही हैं और वह अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। उन्होंने एक केंद्रीय एजेंसी से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सवाल उठाया कि जब तक ऐसी जांच नहीं होती, यह कैसे माना जा सकता है कि जांच निष्पक्ष होगी? पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार घोटाले को उजागर करने वाले मीडिया और सोशल मीडिया हैंडल्स को गलत तरीके से ब्लॉक करके उनकी आवाज़ दबा रही है।
स्पोर्ट्स कोटा और पेपर लीक पर सवाल
वाईएसआरसीपी नेता ने स्पोर्ट्स कोटे के तहत हुई नियुक्तियों में स्पष्ट गड़बड़ियों का भी दावा किया। उन्होंने कहा, “जहां स्वर्ण पदक जीतने वालों को नौकरी नहीं मिली, वहीं केवल भागीदारी का प्रमाण पत्र रखने वालों को नौकरी दे दी गई।” रेड्डी के अनुसार, उद्देश्य पूरा होने के बाद सरकारी आदेश जारी करना और फिर उन्हें रद्द कर देना, यह साबित करता है कि DSC में धांधली हुई है। उन्होंने पेपर लीक और एक टॉपर के पास पहले से प्रश्न बैंक होने के आरोपों का भी जिक्र किया, जिसका नाम मामला सामने आने पर मेरिट लिस्ट से हटा दिया गया था।
रेड्डी ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू अपने बेटे (नारा लोकेश) को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, इसीलिए मंत्री के बजाय केवल अधिकारी ही इस मामले पर बयान दे रहे हैं।
इनपुट: IANS



