लाल सागर में तनाव बढ़ा: हूती विद्रोहियों ने सऊदी तेल टैंकर पर मिसाइल हमले की ज़िम्मेदारी ली
यमन के हूती समूह ने लाल सागर में सऊदी अरब के एक तेल टैंकर पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने का दावा किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना के बाद हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब से…
यमन के हूती समूह ने लाल सागर में सऊदी अरब के एक तेल टैंकर पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने का दावा किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना के बाद हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब से जुड़े जहाजों के खिलाफ अपने अभियान को और तेज करने की चेतावनी दी है, जिससे दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक में तनाव बढ़ गया है।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया ने समूह द्वारा संचालित अल-मसीरा टीवी पर एक बयान जारी कर बताया कि 'वफा' नाम के तेल टैंकर को निशाना बनाया गया। यह हमला उत्तरी लाल सागर में सऊदी अरब के प्रमुख बंदरगाह शहर यानबू के पास किया गया। सारेया ने हमले को "बिल्कुल सटीक" बताया, हालांकि इससे हुए किसी भी नुकसान या हताहतों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।
सऊदी जहाजों के खिलाफ अभियान
हूती प्रवक्ता के अनुसार, यह हमला उस अभियान का हिस्सा है जिसे उन्होंने 'नाकेबंदी के जवाब में नाकेबंदी' का नाम दिया है। उनका कहना है कि इस कार्रवाई की शुरुआत से अब तक हूती बल आठ सऊदी तेल टैंकरों पर हमला कर चुके हैं, जबकि 29 अन्य जहाजों को अपना रास्ता बदलने पर मजबूर होना पड़ा है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और सऊदी अधिकारियों ने भी इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
यह तनाव जुलाई में शुरू हुआ जब हूती समूह ने सऊदी नियंत्रण वाले क्षेत्रों पर लगाई गई नाकेबंदी के जवाब में सऊदी अरब से जुड़े जहाजों पर समुद्री प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। इन घटनाओं ने लाल सागर और बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताएं बढ़ा दी हैं।
भारतीय जहाज़ पर हमले की निंदा
इसी बीच, यमन के विदेश और प्रवासी मामलों के मंत्रालय ने लाल सागर में एक भारतीय वाणिज्यिक मालवाहक जहाज 'एमएसवी फैजे नूरे ओलिया' पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने इसे 'आतंकी हमला' और 'अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का खुला उल्लंघन' करार दिया। बयान में कहा गया कि विस्फोटकों से लदी एक नाव का उपयोग करके किए गए इस हमले में जहाज पूरी तरह डूब गया। यह घटनाक्रम भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा हमले की निंदा किए जाने के बाद सामने आया, जिसने यह भी पुष्टि की कि जहाज पर सवार सभी 13 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया था।
इनपुट: IANS



