मानसून सत्र में गतिरोध: भाजपा ने विपक्ष पर लगाया चर्चा से भागने का आरोप
संसद के मानसून सत्र में लगातार हो रहे हंगामे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, भाजपा सांसदों ने आरोप लगाया है कि विपक्ष जानबूझकर…
संसद के मानसून सत्र में लगातार हो रहे हंगामे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, भाजपा सांसदों ने आरोप लगाया है कि विपक्ष जानबूझकर सदन की कार्यवाही में बाधा डाल रहा है और अहम मुद्दों पर चर्चा से बच रहा है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि विपक्षी दल बेतुकी मांगें रखकर सदन का कीमती समय बर्बाद कर रहे हैं, जिससे सांसदों को अपने क्षेत्र के मुद्दे उठाने का मौका नहीं मिल पा रहा है।
"चर्चा से भाग रहा विपक्ष"
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने विपक्ष के रवैये को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा, "करीब 133 सदस्य 410 से ज्यादा सांसदों के अधिकारों का उल्लंघन कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि सांसद अपने संसदीय क्षेत्रों के मुद्दे उठाना चाहते हैं, लेकिन विपक्ष हर दिन हंगामा करता है और जब उन्हीं मुद्दों पर चर्चा के लिए कहा जाता है, तो वे तैयार नहीं होते। तिवारी ने इसे "लोकतंत्र की भावना के खिलाफ" बताया।
इसी तरह, सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा, "जब से मानसून सत्र शुरू हुआ है, सभी विपक्षी पार्टियां मिलकर हंगामा कर रही हैं और सदन में बिलों पर कोई चर्चा नहीं हुई है। यह बहुत चिंता की बात है क्योंकि हमारे चुनाव क्षेत्रों के लोगों को हमसे उम्मीदें हैं।"
NEET मुद्दे और मांगों पर सवाल
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई ने कहा कि विपक्ष अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहा है। उन्होंने नीट मुद्दे का उदाहरण देते हुए कहा, "उन्होंने नीट का मुद्दा उठाया, जिस पर तीन दिन तक चर्चा हुई और सरकार ने हर बात का, पॉइंट-दर-पॉइंट जवाब दिया... लेकिन वे बार-बार अपनी मांगें बदलते रहते हैं।" बोम्मई ने आरोप लगाया कि विपक्ष अपनी शर्तें थोपना चाहता है और उनके पास कोई वास्तविक मुद्दा नहीं है, वे केवल राजनीति कर रहे हैं।
कांग्रेस पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप
भाजपा सांसद सतीश पूनिया ने विशेष रूप से कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी के दोहरे रवैये की वजह से ही उसका पतन हो रहा है। एक तरफ तो वह संविधान और लोकतंत्र की बात करती है, लेकिन दूसरी तरफ लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान नहीं करती।" पूनिया ने कहा कि अगर कांग्रेस वास्तव में लोकतंत्र का सम्मान करती तो सदन में बहस करती, लेकिन वह "बहस से भागती है, क्योंकि उसके पास अपनी बात के बचाव के लिए कोई तर्क नहीं होता।"
अन्य मुद्दों पर भी प्रतिक्रिया
इस दौरान भाजपा के अन्य नेताओं ने भी विभिन्न विषयों पर अपनी बात रखी।
- छात्रों के प्रदर्शन पर: सांसद नरेश बंसल ने कहा कि छात्रों की मांगें पारदर्शिता और नौकरियों की बिक्री के आरोपों से जुड़ी थीं। उन्होंने कहा, "अगर उन्होंने अपना विरोध-प्रदर्शन खत्म कर दिया है, तो मुझे लगता है कि यह अच्छी बात है।"
- मदरसों पर बयान: यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने कहा, "सभी आतंकवादी मदरसों से नहीं आते, लेकिन पकड़े गए ज्यादातर आतंकवादियों ने मदरसों में ही शिक्षा ली थी।"
- बांकीपुर उपचुनाव पर: बिहार के बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि उपचुनाव के नतीजों से सरकार नहीं बनती या गिरती और आठ महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी खाता भी नहीं खोल पाई थी।
- महबूबा मुफ्ती पर आरोप: पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती पर लगे आरोपों पर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज को गलत तरीके से जानबूझकर पकड़ा था या नहीं।
इनपुट: IANS



