रविवार, 26 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
दुनिया

लाल सागर में तनाव बढ़ा: हूती विद्रोहियों का सऊदी ड्रोन गिराने और जहाज़ पर हमले का दावा

यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है, जिससे लाल सागर में समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंताएँ पैदा हो गई हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, हूती…

लाल सागर में तनाव बढ़ा: हूती विद्रोहियों का सऊदी ड्रोन गिराने और जहाज़ पर हमले का दावा
(फोटो: IANS)

यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है, जिससे लाल सागर में समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंताएँ पैदा हो गई हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, हूती समूह ने उत्तरी यमन के अल-जौफ प्रांत में सऊदी अरब का एक जासूसी ड्रोन मार गिराने का दावा किया है। इसके साथ ही, दक्षिणी लाल सागर में एक टैंकर के पास एक संदिग्ध घटना की भी खबर है।

विज्ञापन

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि उनकी सेनाओं ने अल-जौफ के हवाई क्षेत्र में "दुश्मन गतिविधियों" में लगे ड्रोन को "उपयुक्त हथियारों" से निशाना बनाया। हालांकि, उन्होंने इस ऑपरेशन के बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की।

समुद्री मार्ग पर सुरक्षा का संकट

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब हूती समूह ने पिछले हफ्ते सऊदी अरब से जुड़े जहाजों पर समुद्री प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया था। ब्रिटेन की मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने भी रविवार को बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास एक सुरक्षा घटना की सूचना दी। एक टैंकर के चालक दल ने अपने जहाज़ के करीब पानी में किसी अज्ञात वस्तु के गिरने की आवाज़ सुनी, हालांकि जहाज़ और सभी सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं।

हमले और जवाबी कार्रवाई

हाल के दिनों में दोनों पक्षों की ओर से हमलों में तेज़ी आई है। हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के जिजान और यानबू क्षेत्रों में ऊर्जा ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है। उन्होंने इसे पश्चिमी यमन में अपने नियंत्रण वाले इलाकों पर सऊदी गठबंधन द्वारा किए गए हवाई हमलों की जवाबी कार्रवाई बताया है। वहीं, सरकारी यमन टीवी ने भी शनिवार को उत्तरी यमन में हूती सैन्य ठिकानों पर गठबंधन के हवाई हमलों की पुष्टि की।

यमन संकट की पृष्ठभूमि

यमन 2014 के अंत से गृहयुद्ध की चपेट में है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना सहित देश के उत्तरी हिस्सों पर कब्जा कर लिया था। इसके जवाब में, 2015 में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करने के लिए सैन्य हस्तक्षेप शुरू किया। संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में हुआ एक संघर्षविराम 2022 में समाप्त हो गया था, लेकिन तब से एक अनौपचारिक शांति काफी हद तक बनी हुई थी। हाल की घटनाओं ने इस शांति को भंग कर दिया है।

इनपुट: IANS

N

News4Social इंटरनेशनल डेस्क

News4Social इंटरनेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →