शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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भारत के सोलर रूफटॉप मिशन को विश्व बैंक से मिली बड़ी वित्तीय मदद, 17 लाख नौकरियों की उम्मीद

भारत में घर-घर तक सौर ऊर्जा पहुँचाने की महत्वाकांक्षी 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' को अब विश्व बैंक से बड़ा सहारा मिला है। बैंक के कार्यकारी निदेशक मंडल ने इस कार्यक्रम को गति देने के लिए एक बड़

भारत के सोलर रूफटॉप मिशन को विश्व बैंक से मिली बड़ी वित्तीय मदद, 17 लाख नौकरियों की उम्मीद
(फोटो: IANS)

भारत में घर-घर तक सौर ऊर्जा पहुँचाने की महत्वाकांक्षी 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' को अब विश्व बैंक से बड़ा सहारा मिला है। बैंक के कार्यकारी निदेशक मंडल ने इस कार्यक्रम को गति देने के लिए एक बड़े वित्तीय पैकेज को मंज़ूरी दे दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस पहल का एक बड़ा लक्ष्य देश में स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार के साथ-साथ विनिर्माण और इंस्टॉलेशन जैसे क्षेत्रों में करीब 17 लाख नए रोजगार पैदा करना भी है।

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यह वित्तीय सहायता भारत के उस बड़े लक्ष्य का हिस्सा है, जिसके तहत 2070 तक 'नेट ज़ीरो' उत्सर्जन हासिल करना है। सरकार का इरादा 2035 तक देश की कुल बिजली उत्पादन में गैर-जीवाश्म ईंधन (जैसे सौर और पवन ऊर्जा) की हिस्सेदारी बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का भी है।

विश्व बैंक की वित्तीय संरचना

इस कार्यक्रम के लिए मंज़ूर किए गए पैकेज में कई हिस्से शामिल हैं। इसमें इंटरनेशनल बैंक फॉर रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट (आईबीआरडी) से 82 करोड़ डॉलर का ऋण, क्लीन टेक्नोलॉजी फंड से 6 करोड़ डॉलर का रियायती ऋण और आईबीआरडी के लिवेबल प्लैनेट फंड से 1 करोड़ डॉलर का अनुदान मिलेगा। इसके अतिरिक्त, विश्व बैंक निजी क्षेत्र से भी 4.2 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता जुटाएगा। यह राशि व्यावसायिक बैंकों के माध्यम से ऋण के रूप में उपलब्ध होगी, ताकि आम परिवारों के लिए अपनी छतों पर सोलर पैनल लगवाना आसान हो सके।

योजना का उद्देश्य और प्रभाव

केंद्र सरकार की 'पीएम सूर्य घर योजना' का लक्ष्य देश के 1 करोड़ ग्रामीण और शहरी परिवारों को छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इससे न केवल लोगों का बिजली खर्च कम होगा, बल्कि देश में ही सोलर उपकरणों के निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा। विश्व बैंक के भारत में कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर पॉल प्रोसी ने कहा, "नई वित्तीय सहायता से भारत में घरेलू रूफटॉप सोलर को बड़े स्तर पर बढ़ावा मिलेगा और पूरी सप्लाई चेन तथा इंस्टॉलेशन इकोसिस्टम में लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे।"

कार्यक्रम के टास्क टीम लीडर मोएज शरीफ के मुताबिक, यह कार्यक्रम वित्तीय बाधाओं को दूर करके इस बाज़ार में बड़ा बदलाव लाएगा। उन्होंने कहा कि बिना कुछ गिरवी रखे मिलने वाले ऋण की मदद से ज़्यादा परिवार सोलर सिस्टम अपना सकेंगे और अपने मासिक बिजली बिल में अच्छी-ख़ासी कटौती कर पाएंगे।

इनपुट: IANS

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