शनिवार, 19 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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भारतीय वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी, सूरत और शिमला जैसे शहर रोजगार में सबसे आगे

भारत के वर्कफोर्स (कामकाजी आबादी) में महिलाओं की हिस्सेदारी में एक उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी जिला-स्तरीय आंकड़ों के अनुसार, देश के आधे से ज़्यादा…

भारतीय वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी, सूरत और शिमला जैसे शहर रोजगार में सबसे आगे
(फोटो: IANS)

भारत के वर्कफोर्स (कामकाजी आबादी) में महिलाओं की हिस्सेदारी में एक उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी जिला-स्तरीय आंकड़ों के अनुसार, देश के आधे से ज़्यादा जिलों में महिला श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) 40 प्रतिशत के पार पहुंच गई है। समाचार एजेंसी IANS की इस रिपोर्ट के मुताबिक, सर्वे किए गए 100 जिलों में कुल 57.8 प्रतिशत जिलों ने यह आँकड़ा दर्ज किया है, जो कार्यक्षेत्र में लैंगिक संतुलन की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।

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रोजगार के दो प्रमुख पैमाने — श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) और कामगार जनसंख्या अनुपात (WPR) — दोनों में ही गुजरात का सूरत जिला देश में अव्वल रहा। सूरत में LFPR 68.6% और WPR 67.8% दर्ज किया गया, जो इसे देश का सबसे सक्रिय कामकाजी जिला बनाता है। वहीं, बिहार का दरभंगा जिला श्रम बल में सबसे कम भागीदारी के साथ सूची में सबसे नीचे रहा।

किस जिले की क्या है स्थिति?

रोजगार दर में शीर्ष जिले: LFPR के मामले में सूरत (68.6%) के बाद बिहार का अररिया (68%) और तमिलनाडु का सलेम (67.8%) शीर्ष तीन में शामिल हैं। इसी तरह, WPR में सूरत (67.8%) के बाद अररिया (67.4%) और गुजरात का बनासकांठा (66.6%) का स्थान है।

सबसे कम बेरोजगारी: आंकड़ों के अनुसार, सबसे कम बेरोजगारी दर वाले जिले पश्चिम बंगाल का दक्षिण 24 परगना (0.9%), बिहार का अररिया (0.9%) और गुजरात का अहमदाबाद (1.1%) रहे।

राजधानियों और युवाओं के आँकड़े

राजधानी वाले जिलों पर नज़र डालें तो 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में सबसे बेहतर LFPR और WPR हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में देखा गया, जहाँ यह क्रमशः 70% और 65.1% रहा। इसके बाद केरल के तिरुवनंतपुरम (64.4% और 63.2%) और छत्तीसगढ़ के रायपुर (61.5% और 59.4%) का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा।

यह रिपोर्ट 'NEET' (Not in Employment, Education or Training) दर पर भी प्रकाश डालती है, जो उन युवाओं की संख्या है जो न तो पढ़ रहे हैं, न नौकरी कर रहे हैं और न ही कोई प्रशिक्षण ले रहे हैं। 15-29 वर्ष के युवाओं में सबसे कम NEET दर वाले शीर्ष तीन जिले केरल का एर्नाकुलम (9.6%), तमिलनाडु का कोयंबटूर (14.5%) और कर्नाटक का बेंगलुरु (शहरी) (15%) रहे।

इनपुट: IANS

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