सोमवार, 27 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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गुजरात ने नई जहाज निर्माण नीति 2026 की घोषणा की, पोरबंदर में 27,000 करोड़ का निवेश अपेक्षित

गुजरात सरकार ने राज्य को भारत का अग्रणी जहाज निर्माण और मरम्मत केंद्र बनाने के लक्ष्य के साथ अपनी नई 'जहाज निर्माण और मरम्मत नीति 2026' का अनावरण किया है। सोमवार को गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र…

गुजरात ने नई जहाज निर्माण नीति 2026 की घोषणा की, पोरबंदर में 27,000 करोड़ का निवेश अपेक्षित
(फोटो: IANS)

गुजरात सरकार ने राज्य को भारत का अग्रणी जहाज निर्माण और मरम्मत केंद्र बनाने के लक्ष्य के साथ अपनी नई 'जहाज निर्माण और मरम्मत नीति 2026' का अनावरण किया है। सोमवार को गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल द्वारा जारी की गई यह नीति, राज्य की 2,340 किलोमीटर लंबी तटरेखा का लाभ उठाते हुए निजी निवेश आकर्षित करने और एक एकीकृत समुद्री विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर केंद्रित है।

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समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस नीति का शुभारंभ एक महत्वपूर्ण समय पर हुआ है, जब केंद्र सरकार ने पोरबंदर जिले के कुच्छड़ी में एक विशाल ग्रीनफील्ड जहाज निर्माण क्लस्टर को मंजूरी दे दी है। इस क्लस्टर से 27,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की उम्मीद है, जिसमें से लगभग 23,700 करोड़ रुपये निजी क्षेत्र से और 3,300 करोड़ रुपये साझा बुनियादी ढांचे के विकास में लगाए जाएंगे।

नीति के प्रमुख लक्ष्य और प्रस्ताव

इस नीति का उद्देश्य राज्य की समुद्री महत्वाकांक्षाओं को केंद्र सरकार की जहाज निर्माण वित्तीय सहायता योजना 2025 (SBFS), समुद्री विजन 2047 और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के साथ जोड़ना है। इसके तहत शिपयार्ड और सहायक उद्योगों के विकास, समुद्री उपकरण निर्माण, अनुसंधान एवं विकास, कौशल विकास और हरित एवं स्मार्ट शिपयार्ड को बढ़ावा देने के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है।

नीति के सबसे अहम प्रस्तावों में से एक 'एकीकृत मेगा शिपबिल्डिंग पार्क' (IMSP) की स्थापना है। इसे एक संपूर्ण समुद्री औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें शिपयार्ड, उपकरण निर्माण क्लस्टर, परीक्षण सुविधाएं, लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर, अनुसंधान केंद्र और प्रशिक्षण संस्थान शामिल होंगे।

पोरबंदर का मेगा क्लस्टर

पोरबंदर में प्रस्तावित मेगा ग्रीनफील्ड क्लस्टर में दो से तीन विश्व स्तरीय शिपयार्ड बनाने की योजना है, जिन्हें सहायक उद्योगों का एक नेटवर्क समर्थन देगा। गुजरात समुद्री बोर्ड इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रहा है। निवेशकों के लिए लागत कम करने और परियोजना में तेजी लाने के लिए सरकार साझा बुनियादी ढांचा विकसित करेगी, जिसमें ब्रेकवाटर, फ्लोटिंग क्रेन, ड्रेजिंग सुविधाएं, सड़कें, बिजली और पानी की आपूर्ति जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।

निवेशकों के लिए प्रोत्साहन

राज्य सरकार ने निवेश आकर्षित करने के लिए कई वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहनों की भी घोषणा की है। इनमें पूंजी सहायता, स्टांप शुल्क की प्रतिपूर्ति, ब्याज सब्सिडी, ड्रेजिंग सहायता, और बिजली व पानी के शुल्क में छूट शामिल है। इसके अतिरिक्त, MSME क्षेत्र से खरीद को बढ़ावा देने और निर्धारित समय में काम शुरू करने वाले निवेशकों को अतिरिक्त लाभ दिए जाएंगे।

इनपुट: IANS

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News4Social गुजरात डेस्क

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