संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद पर सवालों से असहज हुए पाक PM शहबाज शरीफ, भारत ने भी सुनाई खरी-खरी
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा का दौरा असहज सवालों से भरा रहा। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में वह आतंकवाद, विशेषकर लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद को…
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा का दौरा असहज सवालों से भरा रहा। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में वह आतंकवाद, विशेषकर लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद को लेकर पूछे गए पत्रकारों के सवालों से बचते नजर आए। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में शरीफ इन सवालों को अनसुना कर आगे बढ़ जाते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, जब शहबाज शरीफ संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पहुंच रहे थे, तो संवाददाताओं ने उनसे पूछा, “आप आतंकियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?” उन्होंने इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया। बाद में जब वह मुख्यालय से निकल रहे थे, तब एक बार फिर पत्रकारों ने उन्हें घेरा और पूछा, “आप लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद पर मुकदमा कब चलाएंगे?” इस बार भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री बिना कोई प्रतिक्रिया दिए वहां से चले गए।
कौन है हाफिज सईद?
हाफिज सईद पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है और भारत के सबसे वांछित वैश्विक आतंकवादियों में से एक है। संयुक्त राष्ट्र ने भी उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित किया हुआ है। इतना ही नहीं, अमेरिकी सरकार ने सईद पर 1 करोड़ डॉलर का इनाम भी रखा है।
भारत ने पाकिस्तान को लगाई फटकार
इसी बीच, बुधवार को भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ी फटकार लगाई। भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान को सलाह दी कि उसे सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाएं पालने के बजाय अपनी कर्ज में डूबी अर्थव्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। त्यागी ने स्पष्ट कहा, “आक्रामक रवैया उसकी कमजोर अर्थव्यवस्था को नहीं बचा सकता।”
त्यागी ने पाकिस्तान को नसीहत देते हुए कहा, “पाकिस्तान अपनी जनता की बेहतर सेवा तब करेगा जब वह दूसरों की जमीन हड़पने या आतंक निर्यात करने के बजाय विकास पर ध्यान दे। क्योंकि न तो ये हरकतें और न ही परिषद में उसका नाटक उसकी अर्थव्यवस्था को बचाने वाले कर्ज चुकाने में मदद करेगा।” उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मानवाधिकारों के हनन का मुद्दा भी उठाया, जहां हिंसक दमन और नागरिकों को आवश्यक वस्तुओं से वंचित रखने की खबरें हैं।
इनपुट: IANS



