सिरुवानी बांध में पानी की भारी कमी, कोयंबटूर में गहराया पेयजल संकट
कमजोर दक्षिण-पश्चिम मानसून के कारण केरल स्थित सिरुवानी बांध का जलस्तर चिंताजनक रूप से घट गया है, जिसका सीधा असर तमिलनाडु के कोयंबटूर शहर की पेयजल आपूर्ति पर पड़ा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार…
कमजोर दक्षिण-पश्चिम मानसून के कारण केरल स्थित सिरुवानी बांध का जलस्तर चिंताजनक रूप से घट गया है, जिसका सीधा असर तमिलनाडु के कोयंबटूर शहर की पेयजल आपूर्ति पर पड़ा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, बांध के जलग्रहण क्षेत्र में उम्मीद से बेहद कम बारिश होने के कारण तमिलनाडु जल आपूर्ति एवं जल निकासी बोर्ड (TWAD) को पानी की सप्लाई में कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
पिछले हफ्ते तक जहां जलाशय से शहर को रोजाना करीब 65 मिलियन लीटर (MLD) पानी मिल रहा था, वहीं इस सप्ताह इसे घटाकर 55 MLD कर दिया गया है। सिरुवानी बांध कोयंबटूर के लिए पानी के मुख्य स्रोतों में से एक है, इसलिए इस कटौती ने शहर में पानी की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
जलस्तर में भारी गिरावट
अधिकारियों के मुताबिक, जलाशय के जलस्तर में संतोषजनक वृद्धि के लिए जलग्रहण क्षेत्र में 50 से 100 मिलीमीटर बारिश की आवश्यकता होती है। हालांकि, मौजूदा मानसून सीजन में अब तक सिर्फ 7 से 8 मिमी बारिश ही दर्ज की गई है। इसी का नतीजा है कि शनिवार तक 50 फीट की कुल क्षमता वाले इस बांध का जलस्तर गिरकर महज 26.7 फीट रह गया था।
मरम्मत का काम भी अटका
पेयजल संकट के बीच, बांध से पानी के रिसाव को रोकने के लिए प्रस्तावित मरम्मत का काम भी अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। इस मुद्दे पर तमिलनाडु और केरल सरकारें मिलकर जरूरी कार्यों की पहचान और प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी के लिए समन्वय कर रही हैं।
इसी सिलसिले में, कोयंबटूर नगर निगम ने हाल ही में TWAD बोर्ड को पानी के बकाया के रूप में लगभग 11 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इसके अलावा, निगम ने जलाशय की मरम्मत और रखरखाव के लिए 18 करोड़ रुपये की एक परियोजना का प्रस्ताव भी मंजूरी के लिए तमिलनाडु सरकार को भेजा है। केरल के अधिकारी भी बांध की स्थिति पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, जिसके बाद मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। अधिकारियों को उम्मीद है कि मानसून खत्म होने के करीब है, इसलिए मंजूरी मिलने पर मरम्मत का काम बिना किसी बड़ी बाधा के पूरा किया जा सकेगा।
इनपुट: IANS



