शिलांग हिंसा के बाद असम-मेघालय की अहम बैठक: पर्यटकों की सुरक्षा और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा
शिलांग में 19 अगस्त को हुई हिंसक घटनाओं, विशेषकर असम नंबर वाले वाहनों पर हुए हमलों के बाद, असम और मेघालय सरकारों ने स्थिति सामान्य करने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक…
शिलांग में 19 अगस्त को हुई हिंसक घटनाओं, विशेषकर असम नंबर वाले वाहनों पर हुए हमलों के बाद, असम और मेघालय सरकारों ने स्थिति सामान्य करने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, शुक्रवार को गुवाहाटी में दोनों राज्यों के वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों की एक उच्च-स्तरीय बैठक हुई, जिसमें मेघालय ने हिंसा पर खेद जताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
यह संयुक्त बैठक गुवाहाटी के कोइनाधारा स्टेट गेस्ट हाउस में तीन घंटे से भी अधिक समय तक चली। बैठक का नेतृत्व मेघालय के उपमुख्यमंत्री डॉ. एस धर और असम सरकार के मंत्री अतुल बोरा ने किया। चर्चा का मुख्य केंद्र शिलांग की घटना, पर्यटकों की सुरक्षा और दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा।
हिंसा पर कार्रवाई और जांच
बैठक के दौरान मेघालय सरकार ने बताया कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। अब तक इस मामले में कुल 15 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
प्रशासन ने खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव को मेघालय मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा, पुलिस ने वाहनों पर हमला करने वाले पांच नकाबपोश आरोपियों की पहचान भी कर ली है।
फंसे हुए लोगों की सुरक्षित वापसी
अधिकारियों ने जानकारी दी कि अब तक असम में पंजीकृत 3,770 से अधिक वाहनों को मेघालय से सुरक्षित असम पहुंचाया जा चुका है। मेघालय में अब भी फंसे यात्रियों और वाहनों को अगले 48 घंटों के भीतर सुरक्षित निकालने के लिए एक विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। मदद के लिए दोनों राज्यों ने नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं, जहाँ असम को 175 लोगों से जुड़ी 54 और मेघालय को 379 आपातकालीन कॉल मिली हैं। सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर (व्हाट्सएप: +91 81014888, लैंडलाइन: 0361-2381-511) भी जारी किए गए हैं।
भविष्य के लिए समन्वय और समितियां
दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए असम और मेघालय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच एक विशेष हॉटलाइन स्थापित करने पर सहमति बनी है। इसके अलावा, सीमा विवादों के त्वरित समाधान के लिए जिला स्तर पर स्थायी संयुक्त समितियां बनाई जाएंगी। पर्यटकों की सुरक्षा और वाहनों की सुरक्षित आवाजाही के लिए परिवहन विभाग और वाहन संगठनों के प्रतिनिधियों को मिलाकर एक और संयुक्त समिति गठित की जाएगी।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बैठक के नतीजों का स्वागत करते हुए कहा कि असम के लोगों की चिंताओं को उचित महत्व दिया गया। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों सरकारें मिलकर जल्द ही स्थिति को सामान्य कर लेंगी, जिससे आपसी रिश्ते और मजबूत होंगे।
इनपुट: IANS



