रेलवे स्टेशनों पर पानी की शुद्धता पर CAG की रिपोर्ट के बाद बड़ा फैसला, 'टैंक टू टैप' सिस्टम से सुधरेगी व्यवस्था
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की एक ऑडिट रिपोर्ट में रेलवे स्टेशनों पर पीने के पानी की गुणवत्ता में गंभीर कमियां उजागर होने के बाद रेल मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाया है। समाचार एजेंसी IANS के…
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की एक ऑडिट रिपोर्ट में रेलवे स्टेशनों पर पीने के पानी की गुणवत्ता में गंभीर कमियां उजागर होने के बाद रेल मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देशभर के स्टेशनों पर पानी की आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह बदलने का आदेश दिया है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल मिल सके।
इस व्यापक बदलाव के केंद्र में "टैंक टू टैप" नामक एक नई प्रणाली है। इसके तहत लगभग 20,000 जगहों पर आधुनिक फिल्टरेशन और निगरानी तंत्र स्थापित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पानी स्रोत से लेकर नल तक पूरी तरह सुरक्षित रहे। रेलवे बोर्ड इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन की सीधे निगरानी करेगा और समय-समय पर पानी की गुणवत्ता पर रिपोर्ट भी जारी करेगा।
CAG की रिपोर्ट में क्या था?
यह फैसला CAG द्वारा 512 गैर-उपनगरीय रेलवे स्टेशनों के ऑडिट के बाद आया है। रिपोर्ट में पाया गया कि इनमें से 89 प्रतिशत से अधिक स्टेशन (458 स्टेशन) यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाओं के मानकों पर खरे नहीं उतरे। ऑडिट के दौरान आठ प्रमुख स्टेशनों—कोयंबटूर, पलक्कड़ जंक्शन, हैदराबाद, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, भिवंडी रोड, कल्याण, लोनावला और मधुपुर—पर लगे वॉटर-कूलर के पानी के सैंपल में खतरनाक ई. कोलाई बैक्टीरिया पाया गया। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म पर लगे नलों के पानी में भी टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया मिला, जो गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है।
सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
नई 'टैंक टू टैप' व्यवस्था के तहत पानी की आपूर्ति की पूरी शृंखला को दुरुस्त किया जाएगा। इसमें पुराने पानी के टैंकों को बदलना, पानी के स्रोत और नलों पर नियमित जांच करना, और टैंकों की समय पर सफाई व रखरखाव सुनिश्चित करना शामिल है। साथ ही, पानी की गुणवत्ता से जुड़ी समस्याओं का तुरंत पता लगाने और उन्हें हल करने के लिए एक मजबूत निगरानी प्रणाली भी लागू की जाएगी। CAG ने अपनी सिफारिश में 'यूनिफॉर्म ड्रिंकिंग वॉटर क्वालिटी प्रोटोकॉल' का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया था।
इनपुट: IANS



