शनिवार, 19 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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शी जिनपिंग के अमेरिकी दौरे से पहले उइगर संगठन की अपील, ट्रंप प्रशासन से मानवाधिकार का मुद्दा उठाने की मांग

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की 24 सितंबर को होने वाली अमेरिका यात्रा से पहले, वर्ल्ड उइगर कांग्रेस (WUC) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से एक अहम अपील की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के…

शी जिनपिंग के अमेरिकी दौरे से पहले उइगर संगठन की अपील, ट्रंप प्रशासन से मानवाधिकार का मुद्दा उठाने की मांग
(फोटो: IANS)

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की 24 सितंबर को होने वाली अमेरिका यात्रा से पहले, वर्ल्ड उइगर कांग्रेस (WUC) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से एक अहम अपील की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन चाहता है कि अमेरिका शिनजियांग प्रांत में उइगर समुदाय के खिलाफ हो रहे कथित नरसंहार और मानवाधिकार हनन के मुद्दे को चीनी नेतृत्व के सामने मजबूती से उठाए।

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WUC ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका आधिकारिक तौर पर शिनजियांग की स्थिति को 'नरसंहार' मान चुका है। यह मान्यता पहली बार 19 जनवरी 2021 को दी गई थी और अमेरिकी विदेश विभाग ने शी जिनपिंग की यात्रा से कुछ ही हफ्ते पहले, 10 सितंबर को जारी एक बयान में इसे दोहराया भी था।

बातचीत में उइगर मुद्दा शामिल करने का आग्रह

WUC के अध्यक्ष तुर्गुनजान अलावदुन ने इस यात्रा को एक महत्वपूर्ण अवसर बताया है। उन्होंने कहा, “शी की वाशिंगटन यात्रा उइगर नरसंहार की सिर्फ निंदा करने से आगे बढ़ने का एक रणनीतिक अवसर है। अमेरिका उइगर लोगों का एक मजबूत और मुखर सहयोगी रहा है, और डोनाल्ड ट्रंप को इस अवसर का उपयोग इसे साबित करने के लिए करना चाहिए।” संगठन ने अमेरिकी प्रशासन से आग्रह किया कि वह शी जिनपिंग और अन्य चीनी अधिकारियों के साथ अपनी बातचीत में इस मुद्दे को ठोस तरीके से उठाए और बीजिंग से इन उल्लंघनों को रोकने की मांग करे।

चीन पर लगे गंभीर आरोप

संगठन ने चीन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। WUC के अनुसार, हिरासत में लिए गए या लापता हुए लाखों लोगों का अब भी कोई पता नहीं है। यह भी दावा किया गया है कि हाल के वर्षों में 'श्रम हस्तांतरण कार्यक्रमों' में तेजी आई है, जिसके तहत उइगर श्रमिकों को जबरन विस्थापित कर काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। साथ ही, संगठन ने कहा कि 'एथनिक यूनिटी एंड प्रोग्रेसिव लॉ' जैसे कानूनों के जरिए धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों की सामान्य अभिव्यक्ति को भी अपराध बना दिया गया है।

WUC ने चीन पर अमेरिका समेत विदेशों में रहने वाले उइगर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने और उनकी गतिविधियों में बाधा डालने का भी आरोप लगाया है। संगठन ने अमेरिका से मांग की है कि वह चीन पर अपनी सीमा-पार दमनकारी नीतियों को खत्म करने का दबाव बनाए, ताकि अमेरिका में रह रहे उइगर, तिब्बती, हांगकांग और चीनी प्रवासी समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

इनपुट: IANS

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