कट्टर वामपंथी समूहों पर अमेरिका का कड़ा रुख, ट्रंप प्रशासन ने समर्थकों पर लगाए नए वीजा प्रतिबंध
ट्रंप प्रशासन ने अपनी आव्रजन नीति को और सख्त करते हुए कट्टर वामपंथी आतंकवादी संगठनों का समर्थन करने वाले विदेशी नागरिकों के लिए नए वीजा प्रतिबंधों की घोषणा की है। इस कदम का उद्देश्य अमेरिका की…
ट्रंप प्रशासन ने अपनी आव्रजन नीति को और सख्त करते हुए कट्टर वामपंथी आतंकवादी संगठनों का समर्थन करने वाले विदेशी नागरिकों के लिए नए वीजा प्रतिबंधों की घोषणा की है। इस कदम का उद्देश्य अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना और हिंसक समूहों के नेटवर्क को देश में प्रवेश करने से रोकना है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह घोषणा उस समय हुई जब अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने 60 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के साथ एक मंत्री-स्तरीय बैठक की। इस बैठक का मुख्य लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक आतंकवाद के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग को बेहतर बनाना था। अमेरिकी विदेश विभाग के एक बयान में स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट की धारा 212(ए)(3)(सी) के तहत की जा रही है।
कौन होंगे प्रतिबंध के दायरे में?
नई नीति के तहत उन विदेशी नागरिकों को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी जो आतंकवादी गतिविधियों को उकसाते हैं या उनका समर्थन करते हैं। इसके अलावा, प्रशासन द्वारा वामपंथी आतंकवादी करार दिए गए समूहों के लिए धन जुटाने, भर्ती करने या लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करने वाले व्यक्ति भी इस प्रतिबंध के दायरे में आएंगे। रुबियो ने कहा, "आतंकवादी, हिंसक और आपराधिक वामपंथी नेटवर्कों को वित्तपोषण, भर्ती, उकसाने या अन्य प्रकार की सहायता देने वाले विदेशी नागरिकों को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।"
रणनीति में बदलाव का संकेत
मंत्री-स्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए मार्को रुबियो ने इस बात पर जोर दिया कि लंबे समय से आतंकवाद-रोधी रणनीति में राजनीतिक वामपंथ से प्रेरित हिंसा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया था। उन्होंने कहा, "हमें इस खतरे को पहचानना होगा और इससे निपटने के लिए अपने आतंकवाद-रोधी ढांचे को मजबूत करना होगा।" उन्होंने बताया कि अमेरिका पहले ही चार हिंसक कट्टर वामपंथी समूहों को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है और उनकी फंडिंग रोकने वाली जानकारी के लिए 10 मिलियन डॉलर तक का इनाम भी रखा है।
विभिन्न विभागों की संयुक्त कार्रवाई
इस पहल में अमेरिकी सरकार के कई विभाग शामिल हैं। व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों को राजनीतिक आतंकवाद को रोकने के लिए मिलकर काम करने का निर्देश दिया है। वहीं, अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि उनका मंत्रालय ऐसे वित्तीय नेटवर्कों को निशाना बनाने के लिए प्रतिबंधों और एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग उपायों का उपयोग करेगा, जो राजनीतिक आतंकवाद का समर्थन करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई विचारधारा के आधार पर नहीं, बल्कि आपराधिक गतिविधियों के आधार पर होगी।
विदेश विभाग के अनुसार, प्रशासन का मानना है कि अमेरिका में अति-वामपंथी सरकार-विरोधी आतंकवाद से जुड़े हमलों की संख्या अन्य वैचारिक श्रेणियों की तुलना में अधिक रही है। यह पहल खुफिया जानकारी साझा करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
इनपुट: IANS



