ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकेबंदी: कई कमर्शियल जहाजों को रोका, एक पर दागी मिसाइल
अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को और सख्त करते हुए इसे तोड़ने की कोशिश कर रहे कई वाणिज्यिक जहाजों पर कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM)…
अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को और सख्त करते हुए इसे तोड़ने की कोशिश कर रहे कई वाणिज्यिक जहाजों पर कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि उसके बलों ने अब तक तीन कमर्शियल जहाजों को रोका है जो नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहे थे।
सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि इन जहाजों में से एक के आदेश न मानने पर उसे निष्क्रिय कर दिया गया, जबकि एक अन्य जहाज पर अमेरिकी सैनिक सवार हुए ताकि नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके। कमांड ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास का समुद्री क्षेत्र खुला और सुरक्षित है, लेकिन 'स्टील वॉल ब्लॉकेड' का उल्लंघन करने वाले जहाजों पर प्रतिबंध लागू है।
हालिया सैन्य कार्रवाइयाँ
अमेरिकी सेना ने मंगलवार से ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले या वहां से आने वाले समुद्री यातायात को रोकने की कार्रवाई फिर से शुरू कर दी है। इसी क्रम में, 16 जुलाई को ओमान की खाड़ी में अमेरिकी मरीन की 11वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट ने एम/टी वेन याओ नामक टैंकर पर चढ़कर सत्यापन अभियान चलाया था।
इससे पहले अमेरिकी सेना ने अरब की खाड़ी में एक तेल टैंकर को मिसाइल दागकर निष्क्रिय कर दिया था। कुराकाओ के झंडे वाले इस जहाज, एम/टी बेल्मा, ने कई चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए खार्ग द्वीप की ओर जाने की कोशिश की थी। इसके बाद एक अमेरिकी विमान ने जहाज के स्मोकस्टैक में हेलफायर मिसाइलें दागीं, जिससे वह आगे नहीं बढ़ सका।
बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि
यह घटनाक्रम पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अप्रैल के युद्धविराम को समाप्त करने की घोषणा के बाद सामने आया है। इसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरानी ठिकानों पर लगातार छह दिनों तक हमले किए थे। बुधवार को भी अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ दो बार हमला किया। सेंटकॉम के मुताबिक, इन हमलों का मकसद ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाना है जिनका इस्तेमाल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को धमकाने के लिए किया जाता है।
इनपुट: IANS



