संयुक्त राष्ट्र में बड़ा बदलाव: ट्रंप प्रशासन ने UN बजट में 1 अरब डॉलर की कटौती की, हज़ारों पद घटाए
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन से ठीक पहले उनके प्रशासन ने संगठन के बजट में एक अरब डॉलर से अधिक की कटौती सुनिश्चित करने की घोषणा की है। समाचार एजेंसी IANS की एक…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन से ठीक पहले उनके प्रशासन ने संगठन के बजट में एक अरब डॉलर से अधिक की कटौती सुनिश्चित करने की घोषणा की है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस कटौती के साथ-साथ मुख्यालय के कर्मचारियों और दुनिया भर में तैनात शांति सैनिकों की संख्या में भी भारी कमी की गई है।
एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने पत्रकारों को बताया कि संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के 3,000 पदों को खत्म किया जा रहा है। इसके अलावा, वैश्विक शांति अभियानों में लगे 25 प्रतिशत से अधिक शांति सैनिकों को भी वापस बुलाया जा रहा है। प्रशासन ने इन कदमों को संगठन के 80 साल के इतिहास में पहली बार हुई कटौती बताया है, जिसका श्रेय राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री को दिया गया है।
शांति और सुरक्षा पर रहेगा ज़ोर
प्रशासन का तर्क है कि संयुक्त राष्ट्र ने अपनी जिम्मेदारियों का बहुत अधिक विस्तार कर लिया है और अब उसे अपने संसाधनों को केवल शांति और सुरक्षा जैसे मुख्य मुद्दों पर केंद्रित करना चाहिए। अधिकारी ने कहा, "हम इसे संयुक्त राष्ट्र को डाइट पर रखना कहते हैं।" उन्होंने इस पूरी कवायद को संयुक्त राष्ट्र को फिर से जीवंत करने का एक अभियान बताते हुए कहा, "हमने इसे मिलकर 'मुंगा', यानी 'मेक द यूएन ग्रेट अगेन' (Make the UN Great Again) के रूप में रीब्रांड करने पर काम किया है।"
ट्रंप के एजेंडे में सुधार और कूटनीति
ऐसी उम्मीद है कि राष्ट्रपति ट्रंप मंगलवार सुबह महासभा में अपने भाषण के दौरान इन सुधारों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। हालांकि, उनके भाषण की अंतिम रूपरेखा अभी जारी नहीं की गई है। अधिकारी ने बताया कि बजट कटौती पर आम सहमति बनाने के लिए व्यापक कूटनीतिक प्रयासों की आवश्यकता पड़ी। प्रशासन इस वार्षिक बैठक का उपयोग मौजूदा समझौतों और अन्य अनसुलझे कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए भी करेगा।
ट्रंप के न्यूयॉर्क कार्यक्रम में ब्रिटिश और जापानी प्रधानमंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के नेताओं के साथ एक बहुपक्षीय सत्र भी शामिल है। वह विश्व नेताओं के लिए एक स्वागत समारोह की मेजबानी भी करेंगे। उनके भाषण में शांति समझौतों, ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं और गाजा शांति योजना जैसे विषयों पर प्रकाश डालने की संभावना है।
इनपुट: IANS



