अमेरिकी सोडा ऐश पर प्रतिबंध की आशंका, भारत के सामने मुद्दा उठाएगा ट्रंप प्रशासन
अमेरिका और भारत के बीच चल रही व्यापारिक बातचीत में एक नया मुद्दा जुड़ गया है। ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि वह भारत सरकार द्वारा अमेरिकी 'सोडा ऐश' के आयात पर प्रस्तावित प्रतिबंधों को लेकर अपनी चिंता…
अमेरिका और भारत के बीच चल रही व्यापारिक बातचीत में एक नया मुद्दा जुड़ गया है। ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि वह भारत सरकार द्वारा अमेरिकी 'सोडा ऐश' के आयात पर प्रस्तावित प्रतिबंधों को लेकर अपनी चिंता जताएगा। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह मामला दोनों देशों के बीच चल रही व्यापक व्यापार वार्ता का हिस्सा बनेगा।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जैमीसन ग्रीर ने बुधवार को सीनेट की फाइनेंस कमेटी के सामने यह जानकारी दी। उन्होंने सांसदों को बताया, "भारत में मेरे समकक्ष अधिकारी के साथ मेरे अच्छे रिश्ते हैं और हम उनके व्यापार मंत्रालय के साथ मिलकर काम करते हैं।" उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को सीधे भारतीय अधिकारियों के सामने उठाया जाएगा।
क्यों उठा यह मुद्दा?
यह मामला तब सामने आया जब वायोमिंग के सीनेटर जॉन बैरासो ने अमेरिकी सोडा ऐश उत्पादकों के लिए भारतीय बाजार में निष्पक्ष अवसर सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने बताया कि भारत के कुछ निर्माताओं ने अपनी सरकार से अमेरिका से आने वाले सोडा ऐश के आयात पर रोक लगाने या प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया है।
बैरासो ने इस बात पर जोर दिया कि वायोमिंग में दुनिया का सबसे बड़ा ट्रोना का प्राकृतिक भंडार है, जिससे सोडा ऐश का उत्पादन होता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कंपनियां वैश्विक स्तर पर किसी से भी प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं और भारत को उनके निर्यात पर रोक नहीं लगानी चाहिए।
अमेरिका का आधिकारिक पक्ष
सीनेटर की चिंताओं पर जवाब देते हुए जैमीसन ग्रीर ने कहा, "मैं अगली बार उनसे मिलूंगा तो यह मुद्दा जरूर उठाऊंगा। जैसे हमारे यहां व्यापार से जुड़े मामलों की अपनी प्रक्रिया होती है, वैसे ही भारत की भी अपनी प्रक्रिया है। लेकिन हम चाहते हैं कि उनकी प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष हो, हमारे उत्पादकों के साथ न्याय हो और सही फैसला लिया जाए।"
यह चर्चा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 2026 के व्यापार नीति एजेंडे पर हो रही सुनवाई के दौरान हुई। इस सुनवाई में मुख्य रूप से ट्रंप की व्यापार नीति, टैरिफ, विभिन्न देशों के साथ व्यापार समझौते और चीन पर अमेरिका की निर्भरता कम करने की रणनीति पर ध्यान केंद्रित किया गया। ग्रीर ने यह भी बताया कि वह भारतीय व्यापार अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।
इनपुट: IANS



