होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान पर अमेरिकी शिकंजा, 'वसूली' के आरोप में दो कंपनियों पर प्रतिबंध
अमेरिका ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ी दो समुद्री सेवा कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इन कंपनियों पर होर्मुज…
अमेरिका ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ी दो समुद्री सेवा कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इन कंपनियों पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों से एक बीमा योजना के नाम पर पैसे वसूलने का आरोप है। वॉशिंगटन का कहना है कि यह नेटवर्क पहले जहाजों के लिए खतरा पैदा करता था और फिर उसी खतरे से सुरक्षा देने के नाम पर शुल्क वसूलता था।
प्रतिबंधों की इस नई कार्रवाई में ईरान की दो मुख्य संस्थाओं—पर्शियन गल्फ मरीन इंश्योरेंस कंपनी और होर्मुजसेफ मरीन सर्विसेज अथॉरिटी—को निशाना बनाया गया है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, ये कंपनियाँ जहाजों को सुरक्षा कवरेज देने की आड़ में शुल्क लेती थीं, जबकि जिन जोखिमों से सुरक्षा का दावा किया जाता था, उनमें से कई ईरान की अपनी कार्रवाइयों से ही उत्पन्न होते थे।
तेल तस्करी और 'शैडो फ्लीट' पर भी कार्रवाई
समुद्री बीमा कंपनियों के अलावा, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने आठ अन्य कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं। इन पर आरोप है कि इनके तेल टैंकरों ने लाखों बैरल ईरानी कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद अवैध रूप से चीन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) तक पहुँचाए। विदेश विभाग ने इन जहाजों को ईरान के 'शैडो फ्लीट' का हिस्सा बताया है, जिसका इस्तेमाल तेहरान अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने के लिए करता है।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा, "ईरान की अर्थव्यवस्था बुरी तरह दबाव में है और महंगाई बहुत ऊंचे स्तर पर है, इसलिए शासन को पैसों की सख्त जरूरत है। अमेरिका यह नहीं होने देगा कि ईरान वैश्विक व्यापार को बंधक बनाए या अंतरराष्ट्रीय शिपिंग का इस्तेमाल करके आईआरजीसी की आतंकवादी गतिविधियों, आक्रामकता और दमन को वित्तीय मदद दे।"
प्रतिबंधों का तंत्र कैसे काम करता था?
ट्रेजरी विभाग के अनुसार, पर्शियन गल्फ मरीन इंश्योरेंस कंपनी ऐसी बीमा पॉलिसियों की दलाली करती थी, जिन्हें IRGC समर्थित पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी मंजूरी देती थी। वहीं, होर्मुजसेफ जहाजों के लिए बीमा, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा जैसी सेवाओं का विज्ञापन करती थी। यह कंपनी पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने के लिए बिटकॉइन जैसी डिजिटल संपत्ति में भी भुगतान स्वीकार करती थी।
इस कार्रवाई में चीन, हांगकांग और मार्शल आइलैंड्स में स्थित कंपनियाँ भी शामिल हैं। इनके आठ तेल टैंकरों (वेल सेल, लिली, अल सल्मी, ब्रीज-वी, नत्सुमी, क्रिस्टल, निरेटा और येहोप) ने 2022 से 2026 के बीच ईरानी तेल की तस्करी की। अमेरिका ने इस साल अब तक ईरान के 'शैडो फ्लीट' से जुड़े 100 से अधिक जहाजों पर प्रतिबंध लगाए हैं।
इनपुट: IANS



