गुरूवार, 24 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
दुनिया

रूस-यूक्रेन युद्ध: ऊर्जा और अनाज पर हमलों को रोकने के लिए अमेरिका सीमित युद्धविराम की संभावनाएं तलाश रहा

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के वैश्विक प्रभावों को कम करने की दिशा में एक अहम संकेत मिला है। अमेरिका इस बात की संभावनाएं तलाश रहा है कि क्या दोनों देशों के बीच ऊर्जा ठिकानों और अनाज आपूर्ति से…

रूस-यूक्रेन युद्ध: ऊर्जा और अनाज पर हमलों को रोकने के लिए अमेरिका सीमित युद्धविराम की संभावनाएं तलाश रहा
(फोटो: IANS)

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के वैश्विक प्रभावों को कम करने की दिशा में एक अहम संकेत मिला है। अमेरिका इस बात की संभावनाएं तलाश रहा है कि क्या दोनों देशों के बीच ऊर्जा ठिकानों और अनाज आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर एक सीमित युद्धविराम हो सकता है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यह जानकारी दी, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस दिशा में अभी कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं रखा गया है।

विज्ञापन

संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान पत्रकारों से बातचीत में रुबियो ने कहा कि दोनों ही पक्षों ने इस तरह के एक विशेष समझौते में रुचि दिखाई है। उन्होंने बताया, “मेरा मानना है कि दोनों पक्षों ने ऐसे सीमित युद्धविराम में दिलचस्पी दिखाई है, जिसमें अनाज और ऊर्जा से जुड़े मुद्दे शामिल हों।” रुबियो ने यह भी कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की सार्वजनिक तौर पर और अमेरिकी अधिकारियों के साथ निजी बातचीत में भी यह विचार रख चुके हैं।

समझौते की राह में चुनौतियां

इस संभावित समझौते की राह आसान नहीं है, क्योंकि रूस और यूक्रेन दोनों ही ऊर्जा से जुड़े ठिकानों पर हमलों को अपनी सैन्य रणनीति का एक अहम हिस्सा मानते हैं। रुबियो के मुताबिक, सबसे बड़ी चुनौती यह है कि ऊर्जा ठिकानों का मतलब दोनों देशों के लिए अलग-अलग है।

एक तरफ जहां यूक्रेन रूस की तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाता है ताकि उसकी कमाई के स्रोत पर चोट की जा सके, वहीं दूसरी ओर रूस यूक्रेन के बिजली ग्रिड पर हमले करता है, जिससे सर्दियों के करीब आते ही वहां बिजली आपूर्ति का संकट गहरा सकता है। रुबियो ने कहा, “इसलिए जब आप ऊर्जा की बात करते हैं, तो अलग-अलग पक्षों के लिए इसका मतलब अलग है।”

अमेरिका की भूमिका और आगे की राह

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि यदि अमेरिका इस मामले में कोई सकारात्मक भूमिका निभा सकता है, तो वह मदद के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि यह मुद्दा मॉस्को में स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर की भागीदारी वाली बैठक और राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ हुई बातचीत में भी सामने आया है।

रुबियो ने स्पष्ट किया कि ऐसा सीमित समझौता युद्ध को पूरी तरह खत्म नहीं करेगा, लेकिन यह दूसरे देशों पर पड़ रहे आर्थिक दबाव को कुछ हद तक कम कर सकता है। साथ ही, यह भविष्य में एक बड़े और व्यापक शांति समझौते की दिशा में पहला कदम भी साबित हो सकता है। हालांकि, उन्होंने इस बातचीत को किसी बड़ी कूटनीतिक सफलता के तौर पर देखने से मना किया है।

इनपुट: IANS

N

News4Social इंटरनेशनल डेस्क

News4Social इंटरनेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →