अमेरिका में विदेशी सरकारों की मनमानी पर लगेगी लगाम, सीनेट में पेश हुआ नया विधेयक
अमेरिका में रहने वाले पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और असंतुष्टों को विदेशी सरकारों द्वारा निशाना बनाए जाने की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए एक नया विधेयक पेश किया गया है। समाचार एजेंसी IANS…
अमेरिका में रहने वाले पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और असंतुष्टों को विदेशी सरकारों द्वारा निशाना बनाए जाने की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए एक नया विधेयक पेश किया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, डेमोक्रेट और रिपब्लिकन, दोनों दलों के सीनेटरों ने मिलकर 'स्टॉप ट्रांसनेशनल रिप्रेशन एक्ट' नामक यह विधेयक पेश किया है, जिसका उद्देश्य अमेरिका की धरती पर ऐसी गतिविधियों के लिए कड़े कानूनी प्रावधान बनाना है।
यह विधेयक कैलिफोर्निया के डेमोक्रेट सीनेटर एडम शिफ और यूटा के रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कर्टिस द्वारा लाया गया है। इसका मुख्य लक्ष्य सीमा पार दमन (ट्रांसनेशनल रिप्रेशन) को पहली बार संघीय कानून के तहत परिभाषित करना और इसके लिए सख्त आपराधिक दंड निर्धारित करना है।
विधेयक के मुख्य प्रावधान
इस प्रस्तावित कानून के तहत, यदि कोई व्यक्ति सीमा पार दमन से जुड़े संघीय अपराध में दोषी पाया जाता है, तो उसकी सजा में 10 साल तक की अतिरिक्त कैद और 100,000 डॉलर तक का अतिरिक्त जुर्माना जोड़ा जा सकता है। यह विधेयक ऐसे कृत्यों को किसी विदेशी सरकार, उसके एजेंटों या प्रॉक्सी द्वारा अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार जाकर परेशान करने, धमकाने, शारीरिक नुकसान पहुँचाने, अपहरण या हत्या करने के रूप में परिभाषित करता है। इसमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे संवैधानिक अधिकारों के प्रयोग को रोकने के प्रयास भी शामिल हैं।
क्यों पड़ी इस कानून की ज़रूरत?
हाल के वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें विदेशी सरकारों पर अपने आलोचकों को डराने, उनकी निगरानी करने या उन पर हमला कराने के आरोप लगे हैं। सीनेटरों ने न्यूयॉर्क में एक सिख कार्यकर्ता और अमेरिकी नागरिक की हत्या की उस साजिश का भी उल्लेख किया, जिसे पिछले साल एफबीआई ने नाकाम कर दिया था। अदालती दस्तावेजों के अनुसार, इस साजिश में एक भारतीय सरकारी कर्मचारी की संलिप्तता बताई गई थी।
इसके अलावा, चीन के नए "एथनिक यूनिटी एंड प्रोग्रेस प्रमोशन" कानून और ईरान द्वारा तेहरान सरकार के आलोचक पत्रकारों के अपहरण या हत्या के प्रयासों का भी जिक्र किया गया, जिन्हें इन देशों की सरकारों द्वारा सीमा पार दमन की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या बोले अमेरिकी सीनेटर?
सीनेटर एडम शिफ ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक द्विदलीय प्रयास बताते हुए कहा, "यह बेहद आवश्यक है कि हम उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें जो अमेरिका की धरती पर असंतुष्टों और आलोचकों को डराने-धमकाने और उन पर हमला करने की कोशिश करते हैं।" वहीं, सीनेटर जॉन कर्टिस ने कहा, "किसी भी विदेशी सरकार को अमेरिका में रहने वाले लोगों को धमकाने या चुप कराने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। यह हमारी संप्रभुता और स्वतंत्रता, दोनों पर हमला है।"
जांच और निगरानी की नई व्यवस्था
विधेयक के तहत, ऐसे मामलों में अभियोजन की निगरानी न्याय विभाग का राष्ट्रीय सुरक्षा विभाग करेगा, जबकि आपराधिक जांच की जिम्मेदारी एफबीआई की होगी। इसके अलावा, कांग्रेस को हर साल इन घटनाओं पर रिपोर्ट और ब्रीफिंग देना अनिवार्य होगा। संघीय एजेंसियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के माध्यम से होने वाले सीमा पार दमन से निपटने के लिए एक समग्र रणनीति बनाने का निर्देश भी दिया जाएगा।
इनपुट: IANS



