शनिवार, 25 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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अमेरिका में H-1B वीजा पर 3 साल की रोक का प्रस्ताव, नए बिल में सख्त बदलावों की सिफारिश

अमेरिका में रिपब्लिकन सीनेटर टिम शीही ने एक नया विधेयक पेश किया है, जिसमें H-1B वीजा कार्यक्रम में बड़े बदलावों का प्रस्ताव है। इस बिल का सबसे बड़ा प्रस्ताव अगले तीन वर्षों के लिए नए H-1B वीजा जारी…

अमेरिका में H-1B वीजा पर 3 साल की रोक का प्रस्ताव, नए बिल में सख्त बदलावों की सिफारिश
(फोटो: IANS)

अमेरिका में रिपब्लिकन सीनेटर टिम शीही ने एक नया विधेयक पेश किया है, जिसमें H-1B वीजा कार्यक्रम में बड़े बदलावों का प्रस्ताव है। इस बिल का सबसे बड़ा प्रस्ताव अगले तीन वर्षों के लिए नए H-1B वीजा जारी करने पर पूरी तरह से रोक लगाना है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, 'एंड एच-1बी वीजा एब्यूज एक्ट-2026' नामक इस विधेयक का मकसद अमेरिकी कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देना है।

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सीनेटर शीही ने कहा, "एच-1बी कार्यक्रम की शुरुआत उन विशेष और कठिन पदों पर कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए की गई थी, जहां योग्य लोग नहीं मिलते थे। इसका उद्देश्य योग्य और मेहनती अमेरिकी कर्मचारियों की जगह सस्ते विदेशी श्रमिकों को लाना कभी नहीं था।" उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका विधेयक कार्यक्रम को उसके मूल उद्देश्य पर वापस लाएगा।

H-1B वीजा के लिए कड़े नियम प्रस्तावित

इस बिल में कई कड़े वित्तीय और संरचनात्मक बदलावों का सुझाव दिया गया है। इसके तहत, मौजूदा लॉटरी प्रणाली को खत्म कर वेतन-आधारित चयन प्रक्रिया लागू करने की बात कही गई है। साथ ही, H-1B कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वार्षिक वेतन 200,000 डॉलर अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। यह विधेयक पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सुझाए गए प्रत्येक H-1B आवेदन पर 100,000 डॉलर की फीस को भी कानूनी रूप देना चाहता है। इसके अलावा, सालाना जारी होने वाले वीजा की कुल संख्या घटाकर 25,000 करने की सिफारिश की गई है।

विदेशी कर्मचारियों और छात्रों पर असर

अगर यह विधेयक कानून बनता है तो इसके दूरगामी परिणाम होंगे। प्रस्तावित नियमों के तहत, H-1B वीजा धारक अमेरिका में काम करते हुए स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे, क्योंकि यह 'डुअल इंटेंट' व्यवस्था को समाप्त करने का प्रस्ताव करता है। वीजा धारकों को अपने आश्रितों को अमेरिका लाने की अनुमति भी नहीं होगी।

विधेयक में विदेशी छात्रों को मिलने वाली रोजगार अनुमति, जैसे कि ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) कार्यक्रम, को भी खत्म करने का प्रस्ताव है।

नियोक्ताओं और कंपनियों के लिए शर्तें

कंपनियों के लिए भी नियम कड़े किए गए हैं। किसी भी विदेशी कर्मचारी को नियुक्त करने से पहले, नियोक्ता को यह प्रमाणित करना होगा कि उस पद के लिए कोई योग्य अमेरिकी कर्मचारी उपलब्ध नहीं है। साथ ही यह भी साबित करना होगा कि कंपनी ने पिछले एक साल में कोई छंटनी नहीं की है और अगले एक साल तक करेगी भी नहीं। विधेयक थर्ड-पार्टी स्टाफिंग एजेंसियों द्वारा H-1B कर्मचारियों की नियुक्ति और एक व्यक्ति द्वारा एक साथ कई नियोक्ताओं के लिए काम करने पर भी रोक लगाता है।

सीनेटर के कार्यालय ने कहा कि यह कार्यक्रम अब 'बड़े पैमाने पर श्रम प्रतिस्थापन का माध्यम' बन गया है और इससे डेटा सुरक्षा व विदेशी प्रभाव जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी खतरे भी पैदा हो सकते हैं। इस विधेयक को इमिग्रेशन अकाउंटेबिलिटी प्रोजेक्ट और फेडरेशन फॉर अमेरिकन इमिग्रेशन रिफॉर्म जैसे समूहों का समर्थन प्राप्त है।

इनपुट: IANS

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