यमन संकट: अमेरिकी सीनेटर ने सैन्य हस्तक्षेप का किया विरोध, रियाद हमले में एक भारतीय की मौत
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच, एक वरिष्ठ अमेरिकी सीनेटर ने किसी भी तरह की अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार…
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच, एक वरिष्ठ अमेरिकी सीनेटर ने किसी भी तरह की अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, कनेक्टिकट के डेमोक्रेट सीनेटर क्रिस मर्फी ने कहा कि अगर अमेरिका इस युद्ध में उतरता है तो हालात और ज्यादा खतरनाक हो जाएंगे, जिससे ईरान और हूती विद्रोहियों के साथ टकराव बढ़ सकता है।
यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि जिस रियाद एयरपोर्ट पर हूती समूह ने हमला किया था, सीनेटर मर्फी हमले से ठीक एक दिन पहले वहीं मौजूद थे। उन्होंने सीबीएस के कार्यक्रम 'फेस द नेशन' में बताया कि वह सऊदी अरब और कतर के अधिकारियों से मुलाकात के बाद उस एयरपोर्ट से गुजरे थे। मर्फी ने कहा, "मैं सऊदी और कतर के अधिकारियों से मिलकर आया था, जो इस युद्ध को खत्म कराने के लिए बातचीत कर रहे हैं।"
ज़मीनी हकीकत और अमेरिका की भूमिका
क्षेत्र के हालात पर चिंता जताते हुए मर्फी ने कहा कि स्थिति तेजी से बिगड़ रही है और युद्ध नियंत्रण से बाहर होता जा रहा है। उन्होंने कहा, "जमीन पर जो मैंने देखा, उससे साफ है कि यह युद्ध नियंत्रण से बाहर होता जा रहा है। 12 लोगों की मौत हो चुकी है और यमन के हूती विद्रोहियों तथा सऊदी अरब के बीच एक नया बड़ा संघर्ष शुरू हो गया है।" जब उनसे जवाबी हमले की संभावना पर पूछा गया तो उन्होंने साफ तौर पर कहा, "नहीं, मेरा मानना है कि अमेरिका को यमन में युद्ध नहीं करना चाहिए।"
मर्फी ने सुझाव दिया कि इस क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा का सबसे अच्छा तरीका युद्ध को समाप्त करना है। उनके मुताबिक, अमेरिका को एकतरफा रूप से अपनी सैन्य कार्रवाई रोक देनी चाहिए और लाल सागर व समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाने की जिम्मेदारी क्षेत्रीय सहयोगियों को सौंपनी चाहिए।
रियाद हमले में भारतीय हताहत
इस बीच, रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने रविवार को जानकारी दी कि एयरपोर्ट पर हुए हमले में घायल हुए एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बताया कि वह मृतक के परिवार के संपर्क में है और पार्थिव शरीर को जल्द भारत भेजने के लिए हर संभव मदद करेगा। हमले में कुल 11 भारतीय घायल हुए थे।
दूतावास के अधिकारियों ने उन सभी अस्पतालों का दौरा किया जहां घायल भारतीयों का इलाज चल रहा है। नवीनतम जानकारी के अनुसार, तीन भारतीय आईसीयू में हैं लेकिन उनकी हालत स्थिर है, दो सामान्य वार्ड में भर्ती हैं और बाकी को छुट्टी दे दी गई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारतीय नागरिक की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
भारत के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान जारी कर नागरिकों पर हो रहे हमलों को "पूरी तरह अस्वीकार्य" बताया और इन्हें तत्काल रोकने की मांग की। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले को 'बेहद दुखद घटना' करार देते हुए सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बात करने की इच्छा जताई थी, हालांकि रविवार शाम तक ऐसी किसी बातचीत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। गौरतलब है कि सऊदी अरब में लगभग 27.4 लाख भारतीय रहते हैं, जो सबसे बड़े भारतीय प्रवासी समुदायों में से एक है।
इनपुट: IANS



