बुधवार, 29 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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वैश्विक वाई-फाई नियमों पर चीन का बढ़ता प्रभाव, अमेरिकी सांसद चिंतित, ट्रंप प्रशासन से मांगी रणनीति

चीन द्वारा वैश्विक संचार नियमों को अपने पक्ष में करने की आशंकाओं के बीच अमेरिका में चिंता बढ़ गई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सांसदों के एक द्विदलीय समूह ने ट्रंप प्रशासन…

वैश्विक वाई-फाई नियमों पर चीन का बढ़ता प्रभाव, अमेरिकी सांसद चिंतित, ट्रंप प्रशासन से मांगी रणनीति
(फोटो: IANS)

चीन द्वारा वैश्विक संचार नियमों को अपने पक्ष में करने की आशंकाओं के बीच अमेरिका में चिंता बढ़ गई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सांसदों के एक द्विदलीय समूह ने ट्रंप प्रशासन को पत्र लिखकर 2027 में शंघाई में होने वाले महत्वपूर्ण वर्ल्ड रेडियोकम्युनिकेशन कॉन्फ्रेंस (WRC) के लिए उसकी रणनीति पर विस्तृत जानकारी मांगी है। सांसदों को डर है कि चीन इस मंच का इस्तेमाल वाई-फाई, 6G और अन्य भविष्य की तकनीकों से जुड़े वैश्विक स्पेक्ट्रम नियमों को प्रभावित करने के लिए कर सकता है।

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इस मामले के केंद्र में 6 गीगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम बैंड है। सांसदों का मानना है कि इस बैंड तक बिना लाइसेंस की पहुंच बनाए रखना वाई-फाई की क्षमता बढ़ाने, तकनीकी नवाचार और अमेरिका की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त के लिए अत्यंत आवश्यक है। पत्र में इस बात पर जोर दिया गया है कि अमेरिका में लगभग 90% स्मार्टफोन डेटा वाई-फाई के माध्यम से उपयोग होता है, हालांकि यह आंकड़ा ऑपरेटर के अनुसार भिन्न हो सकता है।

रणनीतिक तैयारी पर उठे सवाल

प्रतिनिधि एप्रिल मैक्लेन डिलेनी और जे. ओबरनोल्टे के नेतृत्व में कुल 19 अमेरिकी सांसदों ने यह संयुक्त पत्र विदेश विभाग, वाणिज्य विभाग और फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) को भेजा है। उन्होंने प्रशासन से यह बताने को कहा है कि इस सम्मेलन की तैयारियों का समन्वय वरिष्ठ स्तर पर कैसे किया जा रहा है। इसके अलावा, उन्होंने स्टाफ, संसाधन और सम्मेलन के लिए अमेरिकी राजदूत की नियुक्ति से जुड़ी जानकारी भी मांगी है।

प्रतिनिधि डिलेनी ने अपने बयान में कहा, "जब चीन समेत अन्य देश वैश्विक स्पेक्ट्रम नीति को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं, तब अमेरिका को पीछे नहीं, बल्कि नेतृत्व करना चाहिए।" उन्होंने संघीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोगी देशों के साथ मजबूत साझेदारी को अमेरिकी नवाचार और आर्थिक प्रतिस्पर्धा के लिए अनिवार्य बताया।

चीन की लाइसेंस-आधारित मॉडल की पैरवी

सांसदों ने आरोप लगाया कि चीन और उसके समर्थक देश ऊपरी 6 गीगाहर्ट्ज बैंड में केवल लाइसेंस-आधारित मॉडल को बढ़ावा दे रहे हैं। उनका मानना है कि यदि चीन इसमें सफल होता है, तो इससे विश्व स्तर पर बिना लाइसेंस वाले वाई-फाई के विस्तार को बड़ा झटका लगेगा और कनेक्टिविटी सेक्टर में अमेरिका का प्रभाव कमजोर हो सकता है।

पत्र में प्रशासन से यह भी पूछा गया है कि इस मुद्दे पर समान विचार वाले देशों का गठबंधन बनाने के लिए क्या योजना है। विशेष रूप से मेक्सिको और ब्राजील के साथ बातचीत की जानकारी मांगी गई है, क्योंकि सांसदों के अनुसार इन दोनों देशों ने पहले कुछ मामलों में 6 गीगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम पर चीन का समर्थन किया था। इस पहल का द इंटरनेट एंड टेलीविजन एसोसिएशन ने भी स्वागत किया है। ट्रंप प्रशासन से इस मामले पर 22 अगस्त तक लिखित जवाब देने को कहा गया है।

इनपुट: IANS

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