मंगलवार, 28 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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अमेरिकी चुनावों में AI के बढ़ते खतरे से चिंता, भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगाने के लिए फिर पेश हुआ विधेयक

अमेरिकी चुनावों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के ज़रिए बनाए गए नकली विज्ञापनों के बढ़ते खतरे को लेकर चिंता गहरी हो गई है। इसी के मद्देनज़र, दो डेमोक्रेटिक सांसदों ने एक ऐसा कानून फिर से पेश किया है…

अमेरिकी चुनावों में AI के बढ़ते खतरे से चिंता, भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगाने के लिए फिर पेश हुआ विधेयक
(फोटो: IANS)

अमेरिकी चुनावों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के ज़रिए बनाए गए नकली विज्ञापनों के बढ़ते खतरे को लेकर चिंता गहरी हो गई है। इसी के मद्देनज़र, दो डेमोक्रेटिक सांसदों ने एक ऐसा कानून फिर से पेश किया है जिसका उद्देश्य धोखेबाज़ राजनीतिक विज्ञापनों पर रोक लगाना है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस कदम का मकसद वोटरों को गुमराह करने वाली नकली इमेज, वीडियो और आवाज़ों से लोकतंत्र की रक्षा करना है।

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यह विधेयक, जिसे 'एआई ऐड्स एक्ट' नाम दिया गया है, कैलिफोर्निया के सांसद एडम शिफ और भारतीय-अमेरिकी कांग्रेसी रो खन्ना द्वारा पेश किया गया है। इसका मुख्य प्रावधान यह है कि उम्मीदवारों या समितियों को गलत तरीके से पेश करने वाले ऐसे विज्ञापनों पर पाबंदी लगाई जाए जो पूरी तरह या आंशिक रूप से AI द्वारा बनाए गए हों। यह विधेयक इससे पहले भी 118वीं कांग्रेस के दौरान एडम शिफ द्वारा हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पेश किया जा चुका है।

कानून की ज़रूरत क्यों?

सांसद एडम शिफ ने चेतावनी दी कि AI द्वारा बनाए गए धोखाधड़ी वाले विज्ञापन अमेरिकी लोकतंत्र के लिए एक "गंभीर खतरा" हैं। उन्होंने कहा, “धोखा देने वाले एआई एडवरटाइज़िंग पहले ही पूरे यूनाइटेड स्टेट्स में पॉलिटिकल मुकाबलों में आ चुके हैं और वोटरों के लिए असली कैंपेन मटीरियल से उनमें फर्क करना मुश्किल हो सकता है।” उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि नवंबर के चुनाव नज़दीक हैं और अगर कांग्रेस ने कार्रवाई नहीं की, तो यह चुनौती और भी गंभीर हो जाएगी क्योंकि AI सच और झूठ के बीच की रेखा को लगातार धुंधला कर रहा है।

भारतीय-अमेरिकी कांग्रेसी रो खन्ना ने भी इस विचार का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "एआई कई तरह से हमारी जिंदगी और हमारे समाज को बदल देगा, लेकिन इसका इस्तेमाल वोटरों को गुमराह करने या हमारी डेमोक्रेसी को कमजोर करने के लिए नहीं किया जा सकता।" खन्ना कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसमें सिलिकॉन वैली का कुछ हिस्सा भी आता है।

व्यापक समर्थन और राज्यों के प्रयास

इस विधेयक को नागरिक अधिकार समूहों से भी समर्थन मिल रहा है। 'कॉमन कॉज' की एबिगेल बेलोज ने इसे एक "कॉमनसेंस बिल" बताते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करेगा कि "नई टेक्नोलॉजी चुनाव की ट्रांसपेरेंसी से आगे न निकल जाए।" वहीं, 'पब्लिक सिटीजन' के क्रेग होलमैन ने बताया कि लगभग 30 राज्य पहले ही अपने यहां चुनावों को ऐसी भ्रामक AI प्रथाओं से बचाने के लिए कानून बना चुके हैं और अब कांग्रेस को संघीय चुनावों के लिए भी ऐसे ही सुरक्षा उपाय अपनाने चाहिए।

इनपुट: IANS

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News4Social इंटरनेशनल डेस्क

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