ईरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई नौवीं रात भी जारी, होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव बढ़ा
मध्य पूर्व में तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई लगातार नौवीं रात भी जारी रखी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने पुष्टि की…
मध्य पूर्व में तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई लगातार नौवीं रात भी जारी रखी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने पुष्टि की है कि इन हमलों का मकसद ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करती हैं।
सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए बताया कि रविवार शाम 7 बजे (अमेरिकी समयानुसार) हमलों का नया दौर शुरू किया गया। कमांड के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को लगातार निशाना बनाना है, जिनका इस्तेमाल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक और नागरिक समुद्री जहाजों पर हमला करने के लिए किया जाता है।
लगातार चल रहे हैं हमले
इससे पहले भी अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर सिलसिलेवार हमले किए हैं। 18 जुलाई को रात 11:30 बजे (ईस्टर्न समयानुसार) भी एक सैन्य अभियान पूरा किया गया था। सेंट्रल कमांड के मुताबिक, पिछले अभियानों में ईरान के कई अहम ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया। इनमें तटीय निगरानी और वायु रक्षा सुविधाएं, समुद्री क्षमताएं और मिसाइल व ड्रोन भंडारण स्थल शामिल थे।
अपने एक बयान में सेंटकॉम ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के उन बलों पर भी हमला किया था, जिन्होंने 17 जुलाई को जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमला किया था।
मध्य पूर्व में 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस बात पर जोर दिया है कि मध्य पूर्व में 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जो पूरी तरह सतर्क, घातक और किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं। हाल के दिनों में इस क्षेत्र में बढ़े तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी प्रांतों में कई सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे पर हमले किए हैं, जिसका घोषित लक्ष्य होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक नौवहन को सुरक्षित रखना है।
इनपुट: IANS



