गुरूवार, 30 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें स्थिर रखीं, फैसले से शेयर बाजार में भारी गिरावट

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने महंगाई के जोखिम को देखते हुए अपनी प्रमुख ब्याज दर को 3.5% से 3.75% के दायरे में स्थिर रखने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार (स्थानीय समय) को…

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें स्थिर रखीं, फैसले से शेयर बाजार में भारी गिरावट
(फोटो: IANS)

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने महंगाई के जोखिम को देखते हुए अपनी प्रमुख ब्याज दर को 3.5% से 3.75% के दायरे में स्थिर रखने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार (स्थानीय समय) को लिए गए इस निर्णय के बाद अमेरिकी शेयर बाजारों में तेज गिरावट दर्ज की गई।

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इस फैसले का असर वॉल स्ट्रीट पर साफ दिखा, जहां डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1,153 अंक (2.19%) लुढ़क गया, वहीं नैस्डैक कंपोजिट में 433 अंक (1.74%) की गिरावट आई। यह लगातार दूसरी बार है जब फेड चेयरमैन केविन वार्श की अध्यक्षता में दरें अपरिवर्तित रखी गई हैं। उन्होंने मई में अपना पदभार संभाला था।

फैसले पर समिति में मतभेद

ब्याज दर तय करने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) इस मुद्दे पर बंटी हुई नजर आई। नौ सदस्यों ने दरों को मौजूदा स्तर पर बनाए रखने के पक्ष में मतदान किया, जबकि तीन सदस्यों ने इसमें चौथाई फीसदी की बढ़ोतरी का समर्थन किया। बढ़ोतरी की वकालत करने वालों में मिनियापोलिस फेडरल रिजर्व के नील काशकारी भी शामिल थे। फेड चेयरमैन केविन वार्श ने इस असहमति को "एक अच्छी पारिवारिक बहस" करार दिया।

ट्रंप की नाराजगी और वार्श का बचाव

हालांकि फेडरल रिजर्व ने दरें नहीं बढ़ाईं, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बात से नाराज हैं कि दरों में कटौती नहीं की गई। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से बात करते हुए अपने नियुक्त किए गए फेड प्रमुख केविन वार्श का बचाव किया और कहा कि "वह शानदार काम कर रहे हैं।" उन्होंने ब्याज दर कम न करने का दोष FOMC के "पॉलिटिकल बोर्ड" पर मढ़ दिया। ट्रंप ने कहा, "मुझे पता है कि वह (वॉर्श) कम ब्याज दर देखना पसंद करेंगे, लेकिन उनके पास एक बोर्ड है और वे रेट को ऊपर रखना चाहते हैं।"

महंगाई और भविष्य की राह

मौजूदा समय में महंगाई बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, जिसका एक बड़ा कारण ईरान के साथ तनाव और खाड़ी में चल रहे संघर्ष को माना जा रहा है। जून के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों में साल-दर-साल 3.5% की वृद्धि दर्ज की गई थी। बैठक के बाद, वार्श ने महंगाई को 2% के लक्ष्य पर लाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि मूल्य स्थिरता और पूर्ण रोजगार में से किसी एक को चुनना जरूरी नहीं है। जहां भी जरूरत होगी और जो सही होगा, हम कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे।"

इनपुट: IANS

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News4Social इंटरनेशनल डेस्क

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